यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhattisgarh ED Raid: आइएएस रानू के मायके और समीर के चिप्स दफ्तर में ईडी की दबिश
Chhattisgarh ED Raid रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू के मायके गरियाबंद के पांडुका में ईडी की टीम पहुंची। यहां गरियाबंद की ...और पढ़ें

महासमुंद, जेएनएन। Chhattisgarh ED Raid: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मनी लांड्रिंग व कोयला के अवैध कारोबार से हुई कमाई की जांच में गरियाबंद, महासमुंद, भिलाई और रायपुर में कार्रवाई की। ईडी ने अब आइएएस रानू साहू और समीर बिश्नोई से जुड़े लोगों की जांच शुरू की है। रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू के मायके गरियाबंद के पांडुका में ईडी के 12 अधिकारियों की टीम मंगलवार सुबह पांच बजे पहुंची।
लक्ष्मी साहू और कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू के घर में जांच
यहां गरियाबंद की जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू और कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू के घर में जांच की। लक्ष्मी साहू कलेक्टर रानू साहू की मां और शैलेंद्र साहू उनके चचेरे भाई हैं। दोपहर में ईडी के अधिकारियों की एक अलग टीम भिलाई में आदिम जाति विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर माया वारयार के चौहान टाउन स्थित आवास पहुंची। माया वर्तमान में कोरबा जिले में पदस्थ हैं और उनकी रानू साहू की करीबी अधिकारियों में गिनती होती है। शाम को ईडी की टीम छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के सिविल लाइन स्थित मुख्यालय पहुंची। वहां चिप्स के सीईओ समीर बिश्नोई के दफ्तर की जांच की गई। वहां से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
ईडी ने समीर को आठ दिन की रिमांड पर लिया
समीर को ईडी ने गिरफ्तार करने के बाद आठ दिन की रिमांड पर लिया है। ईडी गरियाबंद जिले पांडुका और मैनपुर में रानू साहू की जमीनों की जांच कर रही है। यहां करोड़ों पये की जमीन की खरीदी की जानकारी ईडी को मिली है। वहीं, महासमुंद जिले के बागबाहरा के कलमीदादर गांव में भी ईडी टीम पहुंची। यहां रानू के पिता अरुण साहू और भाई पंकज, पीयूष साहू के नाम 70 एकड़ का फार्महाउस है। यह जमीन रानू साहू के कलेक्टर बनने के बाद खरीदी गई है। इसके अलावा महासमुंद के खरोरा में रानू की मां लक्ष्मी साहू के नाम भूमि का पता चला है।
कोयला परिवहन में 500 करोड़ रुपये के घोटाले का पता
ईडी ने कोयला परिवहन घोटाले को लेकर 11 अक्टूबर से तीन आइएएस सहित 16 नेताओं और कारोबारियों के ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की थी। अब तक की जांच में कोयला परिवहन में 500 करोड़ रुपये के घोटाले का पता चला है। इस प्रकरण में आइएएस समीर बिश्नोई व दो कोयला व्यापारी ईडी की रिमांड पर हैं। रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू व उनके आइएएस पति जयप्रकाश मौर्य की जांच की जा रही है। कोयला परिवहन घोटाले का मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी व अन्य व्यापारी फरार हैं। इससे पहले ईडी ने रानू साहू के रायगढ़ स्थित सरकारी बंगले पर भी छापा मारा था।
होटल में बनाया अस्थाई मुख्यालय
कोयला परिवहन घोटाले की व्यापकता इतनी अधिक है कि इसकी कई दिनों तक जांच चलने की संभावना है। इसे देखते हुए ईडी ने चार सितारा होटल सयाजी रायपुर में अस्थाई मुख्यालय बना लिया है। ईडी के शीर्ष 16 अधिकारी यहीं से राज्य भर में चल रही कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। होटल के एक कमरे को पूछताछ कक्ष बनाया गया है। सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।
