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छत्तीसगढ़: मतांतरित महिला के शव को दफनाने की बात पर बवाल, 24 घंटे चले ड्रामे के बाद परिवार मूल धर्म में लौटा

Published: Sun, 20 Sep 2026 09:04 PM (IST)Updated: Sun, 20 Sep 2026 09:10 PM (IST)

छत्तीसगढ़ के पखांजूर में मतांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद प्रशासनिक हस्तक्षेप से 24 घंटे में सुलझा लिया गया।

छत्तीसगढ़ में मतांतरित महिला के शव को दफनाने के लिए घर वापसी के बाद सुलझा मामला

छत्तीसगढ़ में मतांतरित महिला के शव को दफनाने के लिए घर वापसी के बाद सुलझा मामला

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डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ के पखांजूर अंतर्गत छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के मचपल्ली के जनकुपारा गांव में मतांतरित महिला के निधन के बाद उपजा विवाद प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद 24 घंटे में सुलझा लिया गया है। जानकारी के अनुसार, मचपल्ली निवासी जनकुबाई ने करीब पांच साल पहले अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था।

शुक्रवार की रात जब उनकी मृत्यु हुई, तो उनके शव को दफनाने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर दो पक्षों के बीच गंभीर तनातनी की स्थिति पैदा हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि गांव में तनाव का माहौल बन गया और दोनों पक्ष अपनी-अपनी मान्यताओं व परंपराओं पर अड़े रहे।

प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद 24 घंटे में सुलझा मामला

विवाद की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने टीम भेजी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूर राकेश कुर्रे और स्थानीय तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को बैठाकर लंबी बातचीत की और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

लगभग 24 घंटे तक चली इस मैराथन प्रशासनिक और सामाजिक समझाइश के बाद आखिरकार स्थिति नियंत्रण में आई। अधिकारियों के सामने दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से एक समझौता तैयार किया गया, जिससे कई घंटों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया।

मूल धर्म में वापसी के बाद की शांति की अपील

समझौते के तहत धर्मांतरित परिवार ने अपने मूल धर्म में वापसी करने पर अपनी सहमति जताई। इस निर्णय के बाद महिला का अंतिम संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुर्रे ने क्षेत्र के नागरिकों से संयम बरतने की अपील की।

उन्होंने जनता से कहा कि सभी लोग आपस में मिल-जुलकर, शांति और भाईचारे के साथ रहें। एक-दूसरे की मदद करें तथा गांव के विकास कार्यों में पुलिस व प्रशासन का पूरा सहयोग करें। प्रशासन की समय पर सूझबूझ और समझाइश के चलते फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह से सामान्य और शांत बनी हुई है।

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