छत्तीसगढ़: 40 अवैध चर्चों के खिलाफ 18 गांवों के लोगों ने खोला मोर्चा, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में 18 गांवों के ग्रामीणों ने मतांतरण का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

18 गांवों के ग्रामीणों ने मतांतरण का आरोप लगाया।
HighLights
18 गांवों के ग्रामीणों ने मतांतरण का आरोप लगाया।
सरकारी कर्मचारियों और मिशनरियों की संलिप्तता बताई गई।
40 से अधिक अवैध चर्चों पर कार्रवाई की मांग।
डिजिटल डेस्क, कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड में कुई-कुकदूर वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने क्षेत्र में चल रहे मतांतरण में सरकारी शिक्षक से लेकर मितानिनों (ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता) तक की संलिप्तता का आरोप लगाया।
18 गांवों के ग्रामीणों ने क्षेत्र में 40 से अधिक स्थानों पर अवैध चर्च व प्रार्थना सभाओं के संचालित होने की बातें कही। आरोप है कि चर्च बनाने के लिए सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बैगा और आदिवासी समाज की पारंपरिक पहचान को लेकर अपनी चिंता से भी अधिकारियों को अवगत कराया।
मंगलवार को 18 गांवों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां इन्होंने कलेक्टर तूलिका प्रजापति को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर, अशिक्षित और भोले-भाले परिवारों को बहला-फुसलाकर तथा प्रलोभन देकर उनके मूल धर्म और परंपराओं से दूर किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने इस गतिविधि में बाहरी मिशनरियों के साथ कुछ स्थानीय मतांतरित लोगों की भूमिका होने की बात भी कही है। ग्रामीणों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सरकारी कर्मी कर रहे मतांतरण के लिए दुष्प्रेरित
ग्रामीण कथित रूप से मतांतरण की गतिविधियों में शामिल शासकीय और गैर शासकीय व्यक्तियों के नामों की सूची भी लेकर पहुंचे थे। ज्ञापन में शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, कोटवार और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप है कि कुछ कर्मचारी स्वयं मतांतरित होने के बाद दूसरे लोगों को भी इसके लिए दुष्प्रेरित कर रहे हैं।