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CG Weather News: छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, बारिश के बाद हल्की ठंड से लोगों को राहत

रविवार की शाम करीब सात बजे से तेज हवाओं और गरज चमक के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि नेशनल हाईवे से गुजरने वाली वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। लोग दुकानों और भवनों के नीचे छिपकर बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे।

By Dinesh Kumar ChauhanEdited By: Narender SanwariyaPublished: Mon, 20 Mar 2023 06:30 AM (IST)Updated: Mon, 20 Mar 2023 06:30 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज देखें रिपोर्ट

भिलाई, जेएनएन। पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चार दिन पहले तक जहां लोग गर्मी से परेशान होने लगे थे, वहीं अब बारिश के चलते हल्की ठंड का सामना कर रहे हैं। शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी के बाद शनिवार की दोपहर में तेज बारिश हुई थी और रविवार की शाम से रात तक करीब दो घंटे तक रुक रुक कर बारिश हुई।

शनिवार को हुई बारिश के बाद ही तापमान में काफी गिरावट आई। दिन के अधिकतम तापमान में आठ डिग्री और रात के न्यूनतम तापमान में सात डिग्री तक की गिरावट आई है। कई लोग तो शाम को स्वेटर और गर्म कपड़े पहने हुए नजर आए। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन तक तेज हवाओं और गरज चमक के साथ बारिश होने की आशंका जताई है।

रविवार की शाम करीब सात बजे से तेज हवाओं और गरज चमक के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि नेशनल हाईवे से गुजरने वाली वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। लोग दुकानों और भवनों के नीचे छिपकर बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। शाम सात बजे से शुरू हुई बारिश करीब आठ बजे बंद हुई। इसके बाद फिर से नौ बजे से बारिश शुरू हुई और 10 बजे के बाद बंद हुई। शनिवार की दोपहर में एक घंटे की बारिश के बाद तापमान में अच्छी खासी गिरावट हुई।

दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री से घटकर 28.2 डिग्री आ गया और रात का तापमान 21.2 डिग्री से गिरकर 14.2 आ पहुंचा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दुर्ग जिले में भी शाम और रात तक तेज हवाओं और गर चमक के साथ बारिश हो सकती है।

चना, गेहूं, मसूर और सब्जी की फसल पर असर पड़ने की आशंका

अभी गेहूं, चना और मसूर की फसल तैयार हो चुकी है। किसानों ने इसकी कटाई भी शुरू कर दी है, लेकिन काफी किसानों ने फसल नहीं काटी है। बारिश से गेहूं, चना और मसूर की खड़ी फसल खराब होने की आशंका है। इसके साथ ही टमाटर, लौकी, बैंगन, पत्ता गोभी, फूलगोभी, कुंदरु, परवल, भिंडी सहित अन्य सब्जियों और साग भांजी की फसल खराब होने की आशंका है।


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