छत्तीसगढ़: विनबज्ज एप से चला रहे थे सट्टे का कारोबार, दुर्ग में पुलिस ने किया भंडाफोड़; दो गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस ने विनबज्ज ऐप के जरिए संचालित हो रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह का भंडाफोड़
HighLights
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया।
विनबज्ज ऐप के जरिए क्रिकेट सट्टा संचालित हो रहा था।
दो आरोपी गिरफ्तार, लाखों की नकदी-सामग्री जब्त।
डिजिटल डेस्क, भिलाई। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विनबज्ज एप के जरिए सट्टा संचालित करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित अभी भी फरार है।
चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि राजा गार्डन स्थित देवेंद्र कुमार साहू के मकान में विनबज्ज एप के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा है।
सूचना पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद कुछ संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने दो युवकों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रकाश हरिनखेड़े (23), निवासी अर्जुन नगर, वैशाली नगर और डिकेश प्रसाद तिवारी (22), निवासी अर्जुन नगर, वैशाली नगर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपित मासिक वेतन पर सट्टा संचालन का काम करते थे।
गिरोह का मुख्य संचालक देवेंद्र कुमार साहू अपने साथियों के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को चला रहा था।पुलिस ने मौके से 4.93 लाख रुपये नकद सहित लाखों रुपये की सामग्री जब्त की है।
जब्त सामग्री में तीन लैपटाप, एक आईपैड, 18 स्मार्ट मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड, 10 बैंक पासबुक और चार एयरटेल बैंक के क्यूआर कोड स्कैनर शामिल हैं। इसके अलावा चार होंडा एक्टिवा स्कूटर और एक एयरटेल वाई-फाई डिवाइस भी जब्त किया गया है।
बैंक खातों का किया जा रहा था इस्तेमाल
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सट्टे के लेन-देन के लिए अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ खाताधारकों की जानकारी के बिना उनके बैंक खातों का उपयोग अवैध लेन-देन में किया जा रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के मुख्य संचालक देवेंद्र कुमार साहू सहित अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।