नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। मान लीजिए आप अब नौकरी में सक्रिय नहीं है और आपका खर्च पहले की तरह ही है। ऐसे में आपको नियमित आय की जरूरत होती है। इसके लिए आपको कम उम्र में ही रिटायरमेंट के लिए फंड जुटाना शुरू करना होगा। वैसे तो बाजार में निवेश के कई सारे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन हम आपको इस खबर में कुछ चुनिंदा निवेश प्लान के बारे में बता रहे हैं जो आपके रिटायरमेंट लाइफ में काम आएंगी।

जानिए रिटायरमेंट लाइफ के पांच निवेश विकल्प के बारे में...

फिक्स्ड डिपॉजिट

रिटायरमेंट के बाद एक सुनिश्चित आय की तलाश कर रहे लोगों के लिए एफडी सबसे अच्छा विकल्प है। यह सुरक्षित और सुविधाजनक है। निश्चित रिटर्न होने से रिटायरमेंट लोगों के लिए यह आय का एक विश्वसनीय स्रोत है। फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें बैंकों में अलग-अलग होती हैं। डाकघर और कंपनियां भी फिक्स्ड डिपॉजिट की पेशकश करती हैं।

पोस्ट ऑफिस

इंडिया पोस्ट, डाक सेवाओं के अलावा ब्याज की विभिन्न दरों के साथ कई बचत योजनाएं भी देती है। इंडिया पोस्ट की ओर से दी गई ऐसी एक बचत योजना का नाम मासिक आय योजना (एमआईएस) है। डाकघर एमआईएस खाता सालाना 7.3 फीसद की दर से ब्याज देता है। डाकघर मासिक आय योजना खाता किसी भी व्यक्ति की ओर से चेक या नकद के माध्यम से खोला जा सकता है। इसमें मैच्योरिटी पीरियड पांच साल है। एमआईएस खाता एक डाकघर से दूसरे कार्यालय में ट्रांसफर किया जा सकता है।

म्युचुअल फंड

पिछले कुछ समय से म्युचुअल फंड निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। लोग इसमें सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से निवेश कर रहे हैं। इसमें निवेश के दो तरीके होते हैं। एक रेगुलर प्लान (Regular Plans) और दूसरा डायरेक्ट प्लान (Direct Plans)। म्युचुअल फंड से बेहतर रिटर्न पाने के लिए अपने म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो को विभिन्न एसेट क्लास में डायवर्सिफाई करें। इससे आपको लगातार रिटर्न मिलता रहता है। हम अपने निवेश पर ब्रोकर या एजेंट को ब्रोकरेज अमाउंट दे देते हैं जबकि हमारे पास फंड्स को सीधे तौर पर खरीदने का विकल्प भी होता है। आप किसी भी स्कीम को उसकी विशिष्ट एएमसी वेबसाइट पर जाकर खरीद सकते हैं या फिर डायरेक्ट बायइंग के लिए एमएफ यूटिलिटी वेबसाइट के जरिए निवेश कर सकते हैं। एसआईपी या सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान एक तरह की निवेश रणनीति होती है जो निवेश को नियमित और अनुशासित निवेश के लिए प्रेरित करती है।

पीपीएफ

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) को निवेश के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। पीपीएफ में निवेश से ना सिर्फ टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं बल्कि यह एक सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। पीपीएफ में निवेश, ब्याज दर और मैच्योरिटी पर मिली रकम टैक्स फ्री होती है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) देश में निवेश के लिहाज से सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। खासकर के नौकरीपेशा लोगों के लिए यह पसंदीदा विकल्प होता है।

नेशनल पेंशन सिस्टम

नेशनल पेंशन सिस्टम एक खास किस्म की रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है। यह एक प्रकार की पेंशन कम इन्वेस्टमेंट स्कीम है जो कि बाजार आधारित रिटर्न की गारंटी देती है। एनपीएस सब्सक्राइबर्स जिस फंड में निवेश करते हैं उसे पेंशन फंड मैनेजर के माध्यम से पैसा बनाने वाली अलग-अलग स्कीम्स में निवेश किया जाता है। एनपीएस दो तरह के खातों की पेशकश करता है। टियर-1 और टियर-2। टियर-1 खाते में जमा पैसों को आप तब तक नहीं निकाल सकते हैं जब तक की आपकी उम्र 60 वर्ष की न हो जाए। एनपीएस सब्सक्राइबर्स आयकर अधिनियम की धारा 80 CCD (1) के अंतर्गत कुल आय के 10 फीसद तक आयकर कटौती का दावा कर सकते हैं और 80 CCE के अंतर्गत कुल 1.5 लाख रुपये की कर छूट का दावा कर सकते हैं।

Posted By: Nitesh

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