Vedanta Aluminium पर ब्रोकरेज फर्म बुलिश, BUY रेटिंग के साथ दिया ₹550 का टारगेट; अब तक 122% टूट चुका स्टॉक
Vedanta Aluminium Target Price: ब्रोकरेज फर्मों ने वेदांता एल्युमिनियम के शेयर पर 'BUY' रेटिंग दी है और ₹550 तक का ...और पढ़ें
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'खरीद लो', वेदांता एल्युमिनियम पर ब्रोकरेज फर्म्स बुलिश, ₹550 तक जाएगा भाव! कंपनी कैसे बन रही 'लंबी रेस का घोड़ा'?
HighLights
ब्रोकरेज फर्मों ने वेदांता एल्युमिनियम को 'BUY' रेटिंग दी।
एमके ग्लोबल ने ₹550 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया।
कंपनी वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| Vedanta Aluminium Share Price: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमिनियम पर नजर रखना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है। नुवामा से लेकर एमके ग्लोबल (Emkay Global) और सीएलएसए (CLSA) जैसी देश-विदेश की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स इस कंपनी को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की कमाई में शानदार बढ़ोतरी, लागत कम करने की गजब की क्षमता और एल्युमिनियम बाजार के अच्छे दिन वेदांता को लंबी रेस का घोड़ा बना रहे हैं।
एक्सपर्ट्स ने दिए शानदार टारगेट
एमके ग्लोबल ने शेयर को 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹550 का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं, नुवामा और सीएलएसए ने इसे ₹540 का टारगेट (Vedanta Aluminium Share Target) दिया है।
ब्रोकरेज फर्मों का सीधा कहना है कि वेदांता एल्युमिनियम का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बहुत तगड़ा है। कंपनी अब वैल्यू-एडेड (ज्यादा मुनाफे वाले) प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है।साथ ही, कच्चे माल के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करके खुद के स्रोतों (बैकवर्ड इंटीग्रेशन) का इस्तेमाल कर रही है, जिससे लागत काफी कम हो रही है।
बता दें कि वेदांता एल्युमिनियम का शेयर सोमवार को NSE पर 373 रुपए पर क्लोज हुआ। अनिल अग्रवाल की कंपनी का यह स्टॉक एक महीने में 32% और अब तक 120% से ज्यादा टूट चुका है।
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जरूरत का चक्र और बढ़ता मुनाफा
एमके ग्लोबल की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त एल्युमिनियम का ग्लोबल मार्केट ऐसे दौर में है जहां सप्लाई कम है, लेकिन लागत कम करने के मौके ज्यादा हैं। चीन में उत्पादन सीमित होने का सीधा फायदा वेदांता को मिल रहा है। हाल ही में कंपनी का एल्युमिनियम शिपमेंट 648 किलो टन पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से 2.5% और पिछले साल से 5% ज्यादा है।
इसके अलावा, आदित्य बिड़ला मनी रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में धातु उद्योग की मौजूदा तेजी को जरूरत का चक्र बताया है। उनका कहना है कि नई खदानों की कमी के बीच डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिफिकेशन (विद्युतीकरण) जैसे नए सेक्टर्स से एल्युमिनियम की भारी डिमांड आ रही है, जिसका बड़ा फायदा वेदांता को मिलेगा।
रिकॉर्ड प्रोडक्शन पर कंपनी का जोर
वेदांता एल्युमिनियम ने इस छमाही (H1) में 1,281 किलो टन का रिकॉर्ड उत्पादन किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 5% ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी अब साधारण एल्युमिनियम की जगह वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (VAP) बनाने पर ज्यादा जोर दे रही है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में ऐसे प्रोडक्ट्स के उत्पादन में 31% का शानदार उछाल आया है। फिलहाल कुल एल्युमिनियम उत्पादन में VAP की हिस्सेदारी 67% हो गई है (जो पहले 53% थी)। कंपनी का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 90% तक ले जाने का है।
मजबूत है आगे की राह
नुवामा का अनुमान है कि वेदांता एल्युमिनियम भारत में सबसे तेजी से विस्तार करने वाली प्राइमरी एल्युमिनियम कंपनी है। वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच इसका EBITDA (मुनाफा) सालाना औसतन 29% की दर से बढ़ सकता है।
अपनी लांजीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता का पूरा इस्तेमाल, नया निवेश और सप्लाई चेन पर मजबूत कंट्रोल कंपनी को न सिर्फ लागत घटाने में मदद कर रहा है, बल्कि बाजार में एक मजबूत लीडर के रूप में स्थापित कर रहा है। कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स वेदांता एल्युमिनियम के भविष्य और इसकी बाजार हिस्सेदारी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
