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Budget 2026: शेयर बायबैक पर अब नये तरीके से लगेगा टैक्स, छोटे निवेशकों और प्रमोटर्स पर क्या होगा असर? विस्तार से पढ़ें

Published: Mon, 02 Feb 2026 12:34 PM (GMT+05:30)

वित्त मंत्री ने बजट (Union Budget 2026) में शेयर बायबैक पर टैक्स नियमों में बदलाव की घोषणा की है। अब ...और पढ़ें

शेयर बायबैक पर टैक्स के नियमों में हुआ बदलाव

शेयर बायबैक पर टैक्स के नियमों में हुआ बदलाव

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संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल पेश किए गए बजट (Union Budget 2026) में शेयर बायबैक पर टैक्स लगाने के तरीके को बदलने का भी एलान किया। उन्होंने नए तरीके में सभी शेयरहोल्डर्स के लिए कैपिटल गेन्स सिस्टम और टैक्स आर्बिट्रेज को खत्म करने के लिए प्रमोटर-लेवल पर एक नया टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा। इस कदम का मकसद छोटे निवेशकों की रक्षा करना और कंपनियों को डिविडेंड के बजाय बायबैक के जरिए पेमेंट करने से रोकना है।

किसके लिए कितना हो जाएगा टैक्स का बोझ?

बजट में ये भी प्रस्ताव रखा गया है कि अब सभी बायबैक पर कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स लगेगा, जो 2024 में शुरू किए गए डिविडेंड जैसे ट्रीटमेंट की जगह लेगा। प्रमोटरों को टैक्स लायबिलिटी कम करने के लिए बायबैक का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए, सीतारमण ने प्रमोटरों पर एक अतिरिक्त बायबैक टैक्स की घोषणा की।
इससे कॉरपोरेट प्रमोटर्स के लिए प्रभावी टैक्स का बोझ 22 प्रतिशत और नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटरों के लिए 30 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार के अनुसार इससे गड़बड़ियां कम होंगी और शेयरधारकों को मिलने वाले पेमेंट पर पहले से ज्यादा एक समान ट्रीटमेंट सुनिश्चित होगा।

कैसे काम करेगा नया नियम?

1) छोटे या माइनॉरिटी शेयरहोल्डर
मान लीजिए आप किसी कंपनी में एक रिटेल इन्वेस्टर हैं। आपने 800 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 100 शेयर खरीदे (लागत = 80,000 रुपये)। कंपनी ने 1,000 रुपये प्रति शेयर पर बायबैक की घोषणा करता है। आप सभी 100 शेयर टेंडर करते हैं और 1,00,000 रुपये पाते हैं।

नए नियमों के तहत:

आपका फायदा = 1,00,000 रुपये माइनस 80,000 रुपये = 20,000 रुपये
इस 20,000 रुपये पर कैपिटल गेन (शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म) के तौर पर टैक्स लगेगा, जो कि बहुत अधिक नहीं होगा।
आप पर कोई खास बायबैक टैक्स लागू नहीं होगा।

वहीं अगर आपने 1,100 रुपये में खरीदा और 1,000 रुपये में टेंडर किया। तो मिली रकम = 1,00,000 रुपये, खरीदारी की रकम = 1,10,000 रुपये और नुकसान = 10,000 रुपये होगा, जो कैपिटल लॉस बन जाता है जिसे आप सेट ऑफ या कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं।

2) प्रमोटर शेयरहोल्डर (जहां एक्स्ट्रा टैक्स लगेगा)

मान लीजिए कि आप किसी कंपनी के प्रमोटर हैं। प्रमोटर शेयर टेंडर करता है और 5 करोड़ रुपये का कैपिटल गेन कमाता है।

नए नियम के तहत:

सबसे पहले, 5 करोड़ रुपये पर कैपिटल गेन के तौर पर टैक्स लगेगा। फिर एक एक्स्ट्रा बायबैक टैक्स लगेगा क्योंकि वे प्रमोटर हैं।
कॉर्पोरेट प्रमोटर: प्रभावी टैक्स लगभग 22 प्रतिशत, नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटर: प्रभावी टैक्स लगभग 30 प्रतिशत

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"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार के नए नियम की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)