सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अगले हफ्ते किधर जाएगा शेयर बाजार? अमेरिका-ईरान समझौता, तेल के दाम और महंगा डेटा करेंगे तय; US फेड का फैसला भी होगा अहम

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Sun, 14 Jun 2026 02:18 PM (IST)Updated: Sun, 14 Jun 2026 02:22 PM (IST)

भारतीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह महंगाई के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की घोषणाओं और कच्चे तेल की कीमतों ...और पढ़ें

अगले हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल? (AI जनरेटेड फोटो)

अगले हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल? (AI जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. महंगाई के आंकड़े और US फेड का निर्णय महत्वपूर्ण

  2. अमेरिका-ईरान समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

  3. विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों से लगातार कर रहे हैं निकासी

भाषा, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों के रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का कहना है कि रविवार को संभावित अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों के रुझान भी घरेलू शेयर बाजार के ट्रेंड को प्रभावित करेंगे।
रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च हेड अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर मई माह के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी।’’

US-ईरान समझौता बहुत अहम

मिश्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और उसका निर्णय सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके बाद रणनीतिक महत्व वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता अपेक्षित रूप से सफल नहीं हुआ तो नए हमलों की संभावना बनी रहेगी।

विदेशी निवेशक निकाल रहे पैसा

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक्नोलॉजी कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा कि बाजार अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़े हर घटनाक्रम पर बेहद संवेदनशील बना रहेगा। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जून के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयरों से 62,853 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.87 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। यह पूरे 2025 में निकाले गए 1.66 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है।

मानसून पर भी रहेगी नजर

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौड़ ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की निगाह मानसून की प्रगति और महंगाई की स्थिति पर रहेगी। उन्होंने कहा कि 16-17 जून को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर भी निवेशकों की नजर है।
बाजार भागीदार फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों, महंगाई के दृष्टिकोण, आर्थिक वृद्धि के अनुमान और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती के संकेतों पर करीबी नजर रखेंगे। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,284.61 अंक यानी 1.73 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 256.20 अंक यानी एक प्रतिशत मजबूत हुआ।

तेल के दाम घटना भारत के लिए अच्छा

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है।

ये भी पढ़ें - Upcoming IPO: अगले हफ्ते खुलेंगे 5 नए आईपीओ, एक का जीएमपी ₹60; कब से मिलेगा पैसा लगाने का मौका?

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)