Share Market Closed: बाजार में लौटी तेजी, निफ्टी 23400 के पार; कच्चे तेल में गिरावट और वैश्विक संकेतों से उछाल
Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 299 अंक और निफ्टी 117 अंक ...और पढ़ें
-1790158013848_m.webp)
भारतीय शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ।
HighLights
भारतीय शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सहारा।
रुपये में मजबूती और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार बुधवार 23 सितंबर को बढ़त के साथ बंद हुए। और निफ्टी 23,400 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 299.17 अंक या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 74,828.25 पर और निफ्टी 117.80 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,446.80 पर बंद (Sensex Nifty Closed) हुआ।लगभग 2674 शेयरों में बढ़त हुई, 1531 शेयरों में गिरावट आई और 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार में आई इस तेजी की वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजार में तेजी के संकेत रहे।
किन शेयरों में आई तेजी और किसमें दिखी गिरावट
निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़, JSW स्टील और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल थे, जबकि गिरने वाले शेयरों में कोल इंडिया, HCL टेक्नोलॉजीज़, टाइटन कंपनी, TCS और इंफोसिस शामिल थे।
सेक्टर के हिसाब से मेटल में सबसे ज़्यादा 2.4 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि टेलीकॉम, PSU बैंक, रियल्टी और FMCG में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त देखी गई। IT में 0.8 प्रतिशत और मीडिया में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई। स्मॉलकैप में 0.9 प्रतिशत और मिडकैप में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई।
क्या बोले एक्सपर्ट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "दिन के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाज़ार ने कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ी को नजरअंदाज किया और घरेलू ग्रोथ की रफ्तार मजबूत होने के संकेतों पर ध्यान दिया। UN जनरल असेंबली में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतों में रिस्क प्रीमियम बना रहा, जिससे मज़बूत होते अमेरिकी डॉलर के बीच रुपये पर दबाव पड़ा। हालाँकि, उम्मीद से बेहतर सितंबर फ्लैश PMI ने आर्थिक गतिविधियों की मजबूती पर भरोसा बढ़ाया, जिससे पता चलता है कि महंगाई का दबाव बढ़े बिना ग्रोथ बनी हुई है।"
उन्होंने आगे कहा कि इस सकारात्मक मैक्रो माहौल ने पूरे बाज़ार में खरीदारी को बढ़ावा दिया, जिससे घरेलू शेयरों को एशियाई बाज़ारों की बढ़त के साथ चलने में मदद मिली। सेक्टर के हिसाब से, मेटल और बैंकिंग शेयरों ने बढ़त की अगुवाई की, जबकि व्यापक बाज़ार में अच्छी भागीदारी ने निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाया। हालाँकि, IT शेयरों में सुस्ती रही, जिससे ऊंचे स्तरों पर बेंचमार्क की बढ़त सीमित रही।
बाजार में क्यों आई तेजी
आज शेयर बाजार में आई तेजी की कई वजह रहीं। जैसे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट। रुपये में तेजी। ग्लोबल मार्केट में मजबूती के संकेत।
ब्रेंट क्रूड 1.1% गिरकर 98.2 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह लगातार छठा सेशन था जब इसमें गिरावट आई। इसकी वजह यह थी कि सऊदी अरब ने रेड सी (लाल सागर) तक जाने वाली एक अहम पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू कर दी है और न्यूयॉर्क में UN में बातचीत के ज़रिए US-ईरान विवाद का डिप्लोमैटिक समाधान निकलने की उम्मीद है। बुधवार को भारतीय रुपया 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
आज ग्लोबल मार्केट में मजबूती के संकेत मिले। मंगलवार को US शेयर बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, लेकिन टेक्नोलॉजी शेयरों का प्रदर्शन शानदार रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर उत्साह ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी दूसरी कंपनियों के शेयरों को सहारा दिया। US टेक्नोलॉजी शेयरों में जारी तेज़ी का असर एशियाई बाज़ारों पर भी दिखा। नैस्डैक कम्पोजिट 0.45% बढ़कर 27,244.28 पर बंद हुआ, जो इसकी लगातार दूसरी रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई है।
यह भी पढ़ें- अदाणी के खिलाफ हिंडनबर्ग मामले को SEBI ने ₹1.5 करोड़ में सुलझाया, आरोप लगाने वाली अमेरिकी कंपनी हुई बंद
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
