सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अदाणी के खिलाफ हिंडनबर्ग मामले को SEBI ने ₹1.5 करोड़ में सुलझाया, आरोप लगाने वाली अमेरिकी कंपनी हुई बंद

Published: Tue, 22 Sep 2026 09:34 PM (IST)

सेबी ने अदाणी समूह की पांच कंपनियों के खिलाफ हिंडनबर्ग मामले को ₹1.51 करोड़ के जुर्माने के साथ सुलझा लिया ...और पढ़ें

सेबी ने अदाणी-हिंडनबर्ग मामले को ₹1.51 करोड़ जुर्माने के साथ सुलझाया।

सेबी ने अदाणी-हिंडनबर्ग मामले को ₹1.51 करोड़ जुर्माने के साथ सुलझाया।

HighLights

  1. सेबी ने अदाणी-हिंडनबर्ग मामले को ₹1.51 करोड़ जुर्माने के साथ सुलझाया।

  2. अदाणी समूह की पांच कंपनियों ने नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भरा।

  3. आरोप लगाने वाली अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च अब बंद हो चुकी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। तारीख थी 24 जनवरी और साल था 2023 और दिन था मंगलवार का। ये वही तारीख थी जब भारत के दिग्गज अरबपति गौतम अदाणी के अदाणी समूह पर बहुत बड़ा आरोप लगा था। आरोप था कि अदाणी समूह ने रिश्वत देकर अरबों के प्रोजेक्ट्स हासिल (Adani Hindenburg Case) किए हैं। इस आरोप को लगाने वाली कंपनी अमेरिका की थी। इसका काम ही दूसरी कंपनियों पर रिसर्च करके रिपोर्ट प्रकाशित करना था। ऐसा ही इसने अदाणी ग्रुप के साथ किया था। रिपोर्ट प्रकाशित होते ही अदाणी समूह की कंपनियों के शेयर 20 से 80 फीसदी तक टूट चुके थे।

और अब कट टू 2026। तारीख है 22 सितंबर दिन और दिन मंगलवार का। आज खबर आई कि अदाणी के खिलाफ हिंडनबर्ग मामले को सेबी ने 1.5 करोड़ रुपये में सुलझा दिया है। इस समझौते के दौरान अदाणी समूह और उसकी कंपनियां तो हैं, लेकिन आरोप लगाने वाली अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग नहीं है। उसने आधिकारिक तौर पर 15 जनवरी, 2025 को खुद का रिसर्च व्यापार बंद कर दिया। अब आइए जानते हैं कि आज की पूरी खबर क्या है।

अदाणी की 5 कंपनियों पर जुर्माना

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों के खिलाफ जानकारी देने और नियमों के पालन में हुई कथित कमियों के लिए कुल ₹1.51 करोड़ का जुर्माना लगाकर मामले को सुलझा लिया है। इन कमियों में 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन' (RPT) की जानकारी देने से जुड़ा मामला और बिना वैध 'पीयर-रिव्यू सर्टिफिकेट' वाली फर्मों के साइन किए हुए ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं।

अदाणी एंटरप्राइजेज ने ₹76.05 लाख और अडानी ग्रीन एनर्जी ने ₹45.50 लाख का भुगतान किया, जबकि अडानी टोटल गैस, AWL एग्री बिजनेस और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने हर एक ने ₹9.75 लाख का भुगतान किया। इन पांचों कंपनियों ने तथ्यों और कानूनी निष्कर्षों को न तो माना और न ही नकारा, बल्कि मामले को सुलझा लिया।

कंपनियों ने 2024 में चल रही कानूनी कार्यवाही में समझौते का प्रस्ताव रखा। SEBI की हाई-पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने जून 2026 में संशोधित शर्तों की सिफारिश की, जिन्हें अगस्त में पूर्णकालिक सदस्यों ने स्वीकार कर लिया। कंपनियों ने सितंबर में रकम जमा कर दी, जिसके बाद SEBI ने कार्यवाही का निपटारा कर दिया।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान के दोस्त तुर्किये ने भारत से खरीदा रिकॉर्ड डीजल, मुकेश अंबानी की रिलायंस की भरी झोली