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NSE IPO पर आई बड़ी खबर, SEBI ने दी NOC; खुला DRHP फाइल करने का रास्ता

Published: Fri, 30 Jan 2026 05:57 PM (IST)Updated: Fri, 30 Jan 2026 06:18 PM (IST)

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया ...और पढ़ें

NSE IPO पर आई बड़ी खबर, SEBI ने दी NOC; खुला DRHP फाइल करने का रास्ता

NSE IPO पर आई बड़ी खबर, SEBI ने दी NOC; खुला DRHP फाइल करने का रास्ता

HighLights

  1. SEBI ने NSE IPO को NOC दी।

  2. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO का रास्ता साफ।

  3. अब DRHP फाइल करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ को (NSE IPO) को एनओसी यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दे दिया है। यानी अब एनएसई आईपीओ का रास्ता साफ हो गया है। वह दिन दूर नहीं जब इसका आईपीओ बाजार में एंट्री करेगा। अब अगला कदम ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करने का होगा।

SEBI के स्टॉक एक्सचेंज और दूसरे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) को रेगुलेट करने वाले डिपार्टमेंट ने IPO के लिए अप्लाई करने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। नियमों के अनुसार, कंपनियों को IPO से पहले अप्लाई करने के लिए सेक्टर रेगुलेटर की मंज़ूरी ज़रूरी होती है, इस मामले में मार्केट रेगुलेशन डिपार्टमेंट (MRD) की मंज़ूरी ज़रूरी थी।

अब NSE फाइल करेगी DRHP

SEBI से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब NSE ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगी। यह किसी भी IPO प्रोसेस में एक जरूरी डॉक्यूमेंट होता है। इस डॉक्यूमेंट में इसके बारे में जरूरी डिटेल्स होती हैं। जैसे कंपनी की फाइनेंशियल डिटेल्स, बिजनेस प्लान और भविष्य का नजरिया, शामिल जोखिम, पब्लिक ऑफरिंग की डिटेल्स आदि।

कब आएगा NSE IPO?

अनुमान के मुताबिक, SEBI से NOC मिलने के बाद, NSE को अपना IPO लॉन्च करने में 8-9 महीने लग सकते हैं। हालांकि, यह ऑफर फॉर सेल होगा और एक्सचेंज को कोई पैसा नहीं मिलेगा। NSE ने पहली बार 2016 में अपने IPO के लिए अप्लाई किया था और बाद में उसे वापस लेना पड़ा था। NSE के शेयरों की कीमत के हिसाब से मार्केट कैप लगभग 5 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

NOC मिलने से पहले NSE के CEO आशीष चौहान ने कहा, "जब SEBI से असल में और कागजों में NOC मिल जाएगी, तो हम अपने DRHP पर काम करना शुरू कर देंगे। DRHP और उससे जुड़े डॉक्यूमेंट्स, जिसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के पेपर्स भी शामिल हैं, को तैयार करने में लगभग 3 से 4 महीने लगेंगे। कुल मिलाकर, सभी अप्रूवल मिलने के बाद IPO प्रोसेस में 8 से 9 महीने लग सकते हैं।"

20 जून, 2025 को NSE ने को-लोकेशन और दूसरे मामलों को निपटाने के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के सामने सेटलमेंट एप्लीकेशन फाइल की थी। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, NSE को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों के लिए सेटलमेंट अमाउंट के तौर पर लगभग 1,400 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया था। नवंबर, 2025 में जारी लेटेस्ट फाइनेंशियल आंकड़ों के अनुसार, NSE ने 2023 के SAT ऑर्डर के अनुसार SEBI के पास पहले से जमा 100 करोड़ रुपये के अलावा 1297 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि चूंकि NSE ने SAT में केस जीत लिया था और सुप्रीम कोर्ट ने SEBI के पक्ष में कोई राहत नहीं दी थी, इसलिए मामला रेगुलेटर के बजाय एक्सचेंज के पक्ष में ज़्यादा था। लेकिन, शायद एक्सचेंज के शेयरहोल्डर चाहते थे कि मामला खत्म हो जाए, इसलिए NSE बोर्ड ने केस सेटलमेंट को मंज़ूरी दी और करीब 1400 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई।

डिस्क्लेमर: यहां आगामी आईपीओ को लेकर दी गई जानकारी किसी भी प्रकार से किसी शेयर या फिर आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं है।