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क्या NSE और BSE के शेयर खुद के एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे? सेबी चेयरमैन ने दिया जवाब

By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Wed, 30 Sep 2026 10:14 PM (IST)

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट किया कि स्टॉक एक्सचेंजों को अपने ही शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति देने ...और पढ़ें

स्टॉक एक्सचेंजों को अपने शेयर में ट्रेडिंग की अनुमति नहीं।

स्टॉक एक्सचेंजों को अपने शेयर में ट्रेडिंग की अनुमति नहीं।

HighLights

  1. स्टॉक एक्सचेंजों को अपने शेयर में ट्रेडिंग की अनुमति नहीं।

  2. सेबी-आरबीआई बॉन्ड इंडेक्स, डेरिवेटिव्स पर मिलकर कर रहे काम।

  3. एफपीआई पंजीकरण प्रक्रिया सरल, निवेशकों का भरोसा बढ़ाना लक्ष्य।

आईएएनएस, मुंबई। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को स्पष्ट किया कि फिलहाल बाजार नियामक के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिसके तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) जैसे स्टॉक एक्सचेंजों को अपने ही शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति दी जाए।

एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया के वार्षिक सम्मेलन के इतर मीडिया से बातचीत में पांडे ने उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि सेबी इस संभावना का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित करने पर विचार कर रहा है।

सेबी चेयरमैन बोले- फिलाहल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा, "ऐसा कुछ नहीं चल रहा है। अगर भविष्य में ऐसा कुछ होता है, तो आपको इसकी जानकारी मिल जाएगी। फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।"

सेबी प्रमुख की यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया था कि नियामक इस बात की समीक्षा कर सकता है कि क्या भविष्य में स्टॉक एक्सचेंजों को अपने ही शेयरों में कारोबार की अनुमति दी जानी चाहिए। इस दौरान तुहिन कांत पांडे ने बॉन्ड इंडेक्स और बॉन्ड डेरिवेटिव्स के विकास पर भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मिलकर काम कर रहे हैं। मसौदा दिशानिर्देश तैयार किए जा चुके हैं और हितधारकों से सुझाव भी मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर आरबीआई के साथ चर्चा जारी है, लेकिन अंतिम ढांचे को लागू करने की कोई निश्चित समयसीमा बताने से उन्होंने इनकार किया।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने के प्रयासों पर बोलते हुए पांडे ने कहा कि सेबी और आरबीआई भारत को अधिक निवेश-अनुकूल बाजार बनाने के लिए पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाओं को सरल बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि नियामक ने एनएसडीएल पोर्टल को नया स्वरूप दिया है और इंडिया मार्केट एक्सेस पोर्टल शुरू किया है।

साथ ही एक साझा आवेदन प्रणाली भी विकसित की गई है, जिससे विदेशी निवेशक अपने आवेदन की स्थिति को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।

डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाओं को बढ़ावा दे रहा सेबी

पांडे के अनुसार, सेबी डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाओं को बढ़ावा दे रहा है। इसमें डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है और केवाईसी (केवाईसी) आवश्यकताओं को भी सरल बनाया जा रहा है, ताकि विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश करना आसान हो सके।

लिस्टेड कंपनियों के अनुपालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्टॉक एक्सचेंजों को सूचीबद्ध संस्थाओं द्वारा नियमों के पालन की लगातार निगरानी करनी चाहिए। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि निवेशकों को यह भरोसा होना चाहिए कि जिन कंपनियों में वे निवेश कर रहे हैं, वे वास्तविक कारोबारी संस्थाएं हैं और सभी नियामकीय आवश्यकताओं का पालन कर रही हैं। सेबी प्रमुख के मुताबिक, पूंजी बाजार में पारदर्शिता, निवेशकों का विश्वास और आसान निवेश प्रक्रियाएं देश के वित्तीय बाजारों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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