दुबई के शेख के हाथों बिके 83 साल पुराने भारतीय बैंक को झटका, किसने थमा दिया 173 करोड़ का नोटिस?
दुबई के सरकारी बैंक द्वारा अधिग्रहित RBL बैंक को महाराष्ट्र जीएसटी अधिकारियों से वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ₹173 करोड़ ...और पढ़ें

RBL बैंक को ₹173 करोड़ का जीएसटी नोटिस मिला।
HighLights
RBL बैंक को ₹173 करोड़ का जीएसटी नोटिस मिला।
नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 के लिए महाराष्ट्र जीएसटी द्वारा।
डिजिटल बैंकिंग व्यवसाय के इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ा मामला।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत का 83 साल पुराना बैंक RBL Bank, जो दुबई के सरकारी बैंक के हाथों बिक चुका है पर बड़ी खबर आई है। दरअसल, इस बैंक को 173 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस मिला है। बैंक ने इसकी जानकारी खुद एक्सचेंज फाइलिंग में दी है।
बताते चलें कि 8 दशक से अधिक पुराने इस बैंक में दुबई के एमिरेट्स NBD ने 2.75 अरब डॉलर में 60% की बहुमत हिस्सेदारी खरीदी है। एमिरेट्स NBD के मैनेजिंग डायरेक्टर हेशम अब्दुल्ला अल कासिम हैं, जो बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के वाइस चेयरमैन और नॉन-एग्जीक्यूटिव सदस्य के तौर पर भी काम करते हैं।
RBL Bank ने खुद दी जानकारी
RBL बैंक को महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) अधिकारियों से मिला यह 'शो कॉज नोटिस' वित्त वर्ष 2022-23 के लिए है। बैंक से ब्याज और पेनल्टी समेत 173.09 करोड़ रुपये के GST की मांग की गई है।
29 सितंबर, 2026 की तारीख वाला यह नोटिस, मुंबई में स्टेट टैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर ने महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 73 के तहत जारी किया था। यह मामला बैंक के डिजिटल बैंकिंग बिज़नेस के लिए अलग GST रजिस्ट्रेशन के तहत क्लेम किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ा है।
बैंक ने अपनी फाइलिंग में कहा- "रत्नागिरी बैंक लिमिटेड ने अपनी फाइलिंग में कहा-SEBI लिस्टिंग नियमों के तहत, हम आपको बताना चाहते हैं कि RBL बैंक लिमिटेड को मुंबई के स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर से महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 73 के तहत 29 सितंबर, 2026 का एक 'शो कॉज़ नोटिस' (SCN) मिला है। यह नोटिस फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए ब्याज और पेनल्टी सहित ₹1,73,08,68,535/- की GST डिमांड करता है।"
बैंक देगा नोटिस का जवाब
बैंक ने बताया कि यह डिमांड बैंक के डिजिटल बैंकिंग बिजनेस वर्टिकल के लिए लिए गए अलग GST रजिस्ट्रेशन के तहत बैंक द्वारा लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी है। बैंक तय समय-सीमा के अंदर इस शो कॉज नोटिस का जवाब देगा। अपने आकलन और फाइनेंशियल ईयर 2018-19 और 2019-19 के लिए इसी तरह के मामले पर GST अधिकारियों से मिले अनुकूल आदेशों के आधार पर, बैंक का मानना है कि उसके पास मामले को मेरिट के आधार पर लड़ने के लिए पर्याप्त आधार हैं।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
