Paytm की सब्सिडियरी कंपनी को 5712 करोड़ की जगह अब मिला ₹700 करोड़ से ज्यादा का नोटिस, शेयरों पर दिखेगा असर?
पेटीएम की सहायक कंपनी फर्स्ट गेम्स को जीएसटी विभाग से बड़ी राहत मिली है। प्रस्तावित ₹5712 करोड़ की टैक्स देनदारी ...और पढ़ें

फर्स्ट गेम्स की जीएसटी देनदारी ₹5712 करोड़ से घटकर ₹703.66 करोड़ हुई।
HighLights
फर्स्ट गेम्स की जीएसटी देनदारी ₹5712 करोड़ से घटकर ₹703.66 करोड़ हुई।
कंपनी को टैक्स के बराबर जुर्माना और लागू ब्याज भी देना होगा।
पेटीएम के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज फिनटेक One 97 Communications की सब्सिडियरी कंपनी फर्स्ट गेम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े जीएसटी मामले में थोड़ी राहत मिली है। GST विभाग ने कंपनी पर प्रस्तावित टैक्स देनदारी को ₹5712 करोड़ से घटाकर ₹703.66 करोड़ कर दिया है। हालांकि, यह रकम अभी भी 700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी को टैक्स के बराबर जुर्माना और लागू ब्याज भी देना पड़ सकता है। इसका असर कंपनी के शेयरों पर बुधवार को देखने को मिल सकता है। मंगलवार को पेटीएम के शेयर 1.48% की बढ़त के साथ 1715 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
यह मामला अप्रैल 2018 से मार्च 2023 के बीच की अवधि से जुड़ा है। जीएसटी विभाग ने पहले इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अब विभाग ने अंतिम मांग आदेश जारी करते हुए टैक्स की रकम में बड़ी कटौती की है।
अब 703.66 करोड़ हुई टैक्स देनदारी
पेटीएम की सब्सिडियरी कंपनी फर्स्ट गेम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को 28 अप्रैल 2025 को जीएसटी विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस मिला था। इसमें अप्रैल 2018 से मार्च 2023 की अवधि के लिए ₹5,712 करोड़ की प्रस्तावित जीएसटी देनदारी बताई गई थी। इसके साथ ब्याज और जुर्माने की राशि अलग से लागू होनी थी।
अब उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित केंद्रीय जीएसटी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त ने इस मामले में मांग आदेश जारी किया है। इसमें टैक्स की देनदारी घटाकर ₹703.66 करोड़ कर दी गई है। हालांकि, इस राशि के अलावा टैक्स के बराबर जुर्माना और लागू ब्याज भी देना होगा।
इस तरह शुरुआती प्रस्तावित टैक्स देनदारी के मुकाबले कंपनी को बड़ी राहत मिली है। फिर भी, अंतिम आदेश के तहत उस पर पर्याप्त वित्तीय बोझ बना हुआ है।
Paytm की पैरेंट कंपनी पर कितना पड़ेगा असर?
One 97 Communications ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उसके कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर कोई अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक उसके कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों में फर्स्ट गेम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में किए गए निवेश की दर्ज बुक वैल्यू शून्य थी।
इसका मतलब है कि पैरेंट कंपनी के वित्तीय विवरणों में इस निवेश की कोई बुक वैल्यू बाकी नहीं है। इसलिए जीएसटी विभाग के इस आदेश से कंपनी के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि लेखांकन नियमों के तहत First Games को जॉइंट वेंचर माना जाता है। इसी वजह से इस इकाई का पूरा राजस्व Paytm की कंसोलिडेटेड वित्तीय रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जाता। वित्त वर्ष 2025-26 में इस जॉइंट वेंचर से होने वाले लाभ या नुकसान में कंपनी का हिस्सा भी उसके कंसोलिडेटेड प्रॉफिट एंड लॉस खाते में शून्य था।
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