हवा में सैर का रोमांच! 1000 फीट की ऊंचाई पर बना भारत का सबसे लंबा ग्लास ब्रिज; इन्होंने बनाया आसमान में अजूबा
विशाखापत्तनम में भारत का सबसे लंबा कैंटिलीवर ग्लास स्काईवॉक 7 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह 50 ...और पढ़ें

भारत का सबसे लंबा ग्लास ब्रिज
HighLights
भारत का सबसे लंबा कैंटिलीवर ग्लास स्काईवॉक विशाखापत्तनम में
7 करोड़ रुपये की लागत से बना, 50 मीटर लंबा पुल
जमीन से 862 फीट ऊपर, शानदार 360 डिग्री दृश्य
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कई लोकप्रिय ग्लास ब्रिज (कांच के पुल) पर्यटन स्थल हैं, जो घाटियों, पहाड़ियों या समुद्र के ऊपर बने हुए हैं। ये ब्रिज पारदर्शी होते हैं। आपने भी सोशल मीडिया पर ऐसे किसी ब्रिज की तस्वीर या वीडियो देखी होगी। पर क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे लंबा ग्लास ब्रिज कहां है और इसे किसने बनाया है? आइए बताते हैं।
कितने में बना है?
समुद्र तल से लगभग 1,000 फीट ऊपर हवा में चलने का एहसास मिलता है विशाखापट्टनम के नए ग्लास स्काईवॉक पर। ये भारत का सबसे लंबा कैंटिलीवर ग्लास स्काईवॉक है। पूर्वी तट के रत्न के रूप में फेमस बंदरगाह शहर में मौजूद इस ग्लास ब्रिज को 7 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
कितना लंबा है ये ब्रिज?
लगभग 50 मीटर की प्रभावशाली लंबाई में फैला, यह भारत का सबसे लंबा कैंटिलीवर ग्लास स्काईवॉक है, जिसका मतलब है कि इसके प्लेटफॉर्म का एक बड़ा हिस्सा बिना किसी सहारे के चट्टान के किनारे से बाहर निकला हुआ है, जिससे हवा में तैरने का वास्तविक अहसास होता है।
जमीन से कितनी ऊंचाई?
जमीन से 862 फीट ऊपर और समुद्र तल से लगभग 1,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित, इस ब्रिज का पारदर्शी फर्श नीचे फैली गहरी घाटी का मनमोहक दृश्य पेश करता है। हालांकि, इसके चारों ओर 360 डिग्री का खास दृश्य है, जिसमें एक तरफ बंगाल की खाड़ी, जगमगाता क्षितिज और दूसरी तरफ शहर की चहल-पहल भरी इमारतें पूर्वी घाट की हरी-भरी, लहरदार ढलानों से मिलती हैं।
किस मैटेरियल से बना?
इसे विशाखापत्तनम मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (VMRDA) ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए 7 करोड़ रुपये की लागत से बनवाया है। इसमें 40mm मोटे टेम्पर्ड लैमिनेटेड जर्मन ग्लास की तीन परतें इस्तेमाल की गई हैं, जिन्हें 40 टन स्ट्रक्चरल स्टील का सहारा दिया गया है।
कितना वजन सह सकता है?
इसे 250 किमी/घंटा तक की हवाओं और प्रति वर्ग मीटर 500 किलोग्राम के भार को सहने के लिए डिजाइन किया गया है। हालाँकि इस संरचना में एक साथ 100 से ज्यादा लोग आ सकते हैं, लेकिन एक बार में केवल 40 विजिटर्स के ग्रुप को ही प्रवेश दिया जाता है।
सुरक्षा को काफी प्राथमिकता दी गयी है। यह स्ट्रक्चर जर्मनी से आयाय किए हाई क्वालिटी वाले, तीन परतों वाले, 40 मिमी मोटे टेम्पर्ड लैमिनेटेड ग्लास से निर्मित है और 40 टन प्रबलित स्टील द्वारा समर्थित है।
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