Jio IPO: किस भाव पर होगी लिस्टिंग, हर शेयर पर कितना मुनाफा संभव? एक्सपर्ट्स ने बताया लॉन्ग टर्म टारगेट
Jio Platforms IPO की लिस्टिंग से पहले विशेषज्ञों ने निवेशकों को लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी है, क्योंकि ...और पढ़ें
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लिस्टिंग से पहले एक्सपर्ट्स की राय
HighLights
Jio Platforms IPO 28 अक्टूबर को लिस्ट होगा।
विशेषज्ञों ने लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी।
कंपनी की डिजिटल बाजार में मजबूत पकड़ है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: देश के सबसे चर्चित IPO में शामिल Jio Platforms के शेयरों की लिस्टिंग से पहले निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बाजार में एंट्री के बाद शेयर कैसा प्रदर्शन करेगा। ₹30,200 करोड़ के इस IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अब बाजार की सलाह है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर अलॉट हुए हैं, उन्हें केवल लिस्टिंग के दिन के मुनाफे पर ध्यान देने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश पर फैसला करना चाहिए।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि Jio की डिजिटल बाजार में मजबूत पकड़, बेहतर मुनाफा कमाने की क्षमता, अपनी टेक्नोलॉजी और भविष्य में कारोबार बढ़ाने के अवसर इसे लंबी अवधि के लिए अहम कंपनी बनाते हैं। हालांकि, टेलीकॉम सेक्टर के जोखिमों और शेयर की वैल्यूएशन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कल 28 अक्टूबर को लिस्ट होंगे शेयर
जियो के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को NSE और BSE दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होने वाले हैं। कंपनी की IPO कुल ₹30,200 करोड़ का था। इश्यू को निवेशकों का ओर से जोरदार मांग मिली और बोली लगाने की प्रक्रिया खत्म होने तक यह 22.2 गुना सब्सक्राइब हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, IPO खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरा इश्यू सब्सक्राइब हो गया था। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए करीब 5,500 करोड़ रुपये का हिस्सा पहले 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। पब्लिक इश्यू और एंकर निवेशकों की प्लेसमेंट को मिलाकर कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही।
एक्सपर्ट की क्या है राय?
Anand Rathi Shares and Stock Brokers में Investment Services के हेड ऑफ फंडामेंटल रिसर्च नरेंद्र सोलंकी के मुताबिक, Jio की वैल्यूएशन को कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति, मुनाफे और आगे कारोबार बढ़ाने की संभावनाओं के संदर्भ में देखना चाहिए।
उनके अनुसार, कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। IPO के अंतिम इश्यू प्राइस पर Jio की FY2026 की प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) वैल्यूएशन 34.3 गुना और एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA वैल्यूएशन 14.8 गुना बैठती है। इस आधार पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
सोलंकी ने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए शेयर होल्ड करने पर विचार करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि Jio के पास 53.33 करोड़ ग्राहक हैं और भारत के वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 49.8% है। कंपनी का मजबूत ब्रांड, व्यापक वितरण नेटवर्क और अपनी टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धियों के लिए बाजार में प्रवेश करना मुश्किल बनाते हैं।
7,220 से ज्यादा पेटेंट आवेदन
Kantilal Chhaganlal Securities के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट) महेश एम. ओझा ने भी Jio की टेक्नोलॉजी और वित्तीय स्थिति को इसकी मजबूती बताया। उनके मुताबिक, कंपनी के पास 7,220 पेटेंट आवेदन हैं। अपनी टेक्नोलॉजी के कारण कंपनी को थर्ड-पार्टी वेंडर्स पर निर्भरता और उनसे जुड़ी फीस कम करने में मदद मिलती है।
ओझा के अनुसार, कंपनी का EBITDA मार्जिन 51.91% रहा। FY2026 में नेट लेवरेज घटकर 0.36 गुना रह गया, जो कंपनी की पूंजी आवंटन रणनीति में बदलाव का संकेत है। यानी भारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के दौर से आगे बढ़ते हुए कंपनी का फोकस फ्री कैश फ्लो बढ़ाने पर हो सकता है।
उनका मानना है कि भविष्य में टैरिफ बढ़ोतरी, प्रति ग्राहक डेटा खपत में इजाफा और JioFiber व JioAirFiber जैसी फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार कंपनी की ग्रोथ को आगे बढ़ा सकते हैं। इन सेवाओं से प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ओझा ने लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए Jio के शेयरों पर स्पष्ट रूप से ‘Buy-and-Hold’ यानी खरीदकर लंबे समय तक बनाए रखने की रणनीति की वकालत की।
वहीं, जागरण बिजनेस के शो IPO Junction में मार्केट एक्सपर्ट अविनाश गोरक्षकर ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को सिर्फ लिस्टिंग गेन पर नहीं बेचें बल्कि लंबी अवधि के लिए इसमें बने रहे। उन्होंने कहा कि अगले 3 सालों में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का भाव दोगुना तक हो सकता है।
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वहीं, जागरण बिजनेस के शो IPO Junction में मार्केट एक्सपर्ट अविनाश गोरक्षकर ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को सिर्फ लिस्टिंग गेन पर नहीं बेचें बल्कि लंबी अवधि के लिए इसमें बने रहे। उन्होंने कहा कि अगले 3 सालों में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का भाव दोगुना तक हो सकता है।
