Jio IPO Allotment: रिलायंस आईपीओ ₹1000 को बना चुका ₹53 लाख, क्या वही कमाल कर पाएगी अंबानी की जियो?
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का अलॉटमेंट हो चुका है और इसकी लिस्टिंग की तैयारी है, जिसकी तुलना रिलायंस इंडस्ट्रीज के 1977 ...और पढ़ें

Jio IPO Allotment: रिलायंस आईपीओ ₹1000 को बना चुका ₹53 लाख, क्या वही कमाल कर पाएगी अंबानी की जियो?
HighLights
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का अलॉटमेंट पूरा, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग।
रिलायंस के 1977 आईपीओ में ₹1000 का निवेश ₹53 लाख बना।
बोनस शेयर और डीमर्जर से निवेशकों को मिला बड़ा फायदा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ (Jio Platform Allotment Status) इन दिनों काफी चर्चा में बना हुआ है। आईपीओ का अलॉटमेंट हो चुका है और अब 28 अक्टूबर को इसकी लिस्टिंग (Jio IPO Listing) भी होनी है। जियो प्लेटफॉर्म्स का ये आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ है और इसे निवेशकों से भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। वहीं अब अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज की बात करें तो इसने भी अपने निवेशकों को काफी मालामाल किया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का आईपीओ साल 1977 में आया था और तब भी निवेशकों में इसे जियो आईपीओ की तरह ही रिस्पॉन्स दिया था। ऐसे में आइए जानते हैं जियो आईपीओ में अब तक क्या अपडेट्स हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज के आईपीओ में अगर किसी से ₹1000 लगाए होते तो आज वो कैसे ₹53 लाख हो गए होते।
एक नजर में जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ
जियो आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हो गया था। ये आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ, दिलचस्प बात ये है कि लॉन्च होने के सिर्फ 100 मिनट के भीतर ही ये पूरी तरह भर गया था। दुनिया भर में गिने-चुने ऐसे आईपीओ हैं जिन्हें 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले हों, और जियो का आईपीओ उनमें शामिल हो गया है।
इसके रिटेल सेगमेंट में ही लगभग 1.02 करोड़ आवेदन आए। मालूम हो कि जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को होने जा रही है और निवेशकों को उम्मीद है कि उन्हें इससे 20%-25% का फायदा हो सकता है।
जब आया रिलायंस इंडस्ट्री का आईपीओ:
आज भले ही रिलायंस देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि साल 1977 में जब कंपनी आईपीओ लेकर आई थी, तब भी निवेशकों ने ऐसा ही क्रेज दिखाया था। ये आईपीओ उस दौर में आया था जब शेयर मार्केट में निवेश करना आम बात नहीं थी, लेकिन इसके बवाजूद भी ये आईपीओ सात गुना ओवरसक्राइब हुआ था।
उस टाइम पर कंपनी ने ₹10 के भाव पर शेयर जारी किए थे और लगभग ₹2.82 करोड़ जुटाए थे। लिस्टिंग वाले दिन ही शेयर ₹17 से ₹18 के भाव पर खुले, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन 70% से 80% का तगड़ा मुनाफा मिल गया था।
₹1000 के कैसे हुए ₹53 लाख?
उस समय लोगों को पहले दिन ही 70% से 80% का मुनाफा हुआ था, लेकिन सवाल ये है कि अगर किसी ने ₹10 के भाव से कंपनी के 100 शेयर खरीदे होते तो आज उनकी कीमत कितने की होती? आइए कैलकुलेशन से समझते हैं:
एक शेयर की कीमत: ₹10 (1977 में)
शेयरों की संख्या: 100
कुल निवेश: ₹1000
पिछले दशकों में कंपनी ने समय-समय पर 6 बार बोनस शेयर दिए हैं(आखिरी बार कंपनी ने अगस्त 2024 में 1:1 का बोनस दिया था )। इस हिसाब से देखें तो बोनस शेयरों की बदौलत 1977 के वो 100 शेयर बढ़कर आज 4096 शेयर हो गए, जिनकी कीमत ताजा आंकड़ों के हिसाब से ₹48.74 लाख है।
अब, साल 2023 में रिलायंस ने 'जियो फाइनेंशियल सर्विसेज' को अलग कर दिया था और हर एक शेयर पर एक शेयर मुफ्त दिया था। इसके हिसाब से निवेशकों को मिले शेयर आज करीब ₹4.19 लाख के हैं।
इस तरह देखा जाए तो 19.56% की शानदार CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) के साथ वो ₹1,000 का निवेश आज लगभग ₹52.93 लाख बन चुका है। इसके अलावा, कंपनी ने इन सालों में निवेशकों को समय-समय पर मोटा डिविडेंड (लाभांश) भी दिया है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
