NSE के शोर के बीच इस छोटे IPO ने चौंकाया! GMP ने काटा गदर, लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे का इशारा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE IPO) पर बाजार का सबसे ज्यादा फोकस होने के बावजूद, जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड के छोटे ...और पढ़ें

NSE के बड़े IPO के बीच जिंदल सुप्रीम का छोटा IPO बना आकर्षण का केंद्र, GMP ने दिया बंपर मुनाफे का संकेत
HighLights
जिंदल सुप्रीम IPO का GMP NSE से भी अधिक, चौंकाया बाजार को।
छोटे इश्यू साइज से ग्रे मार्केट में बढ़ी जिंदल सुप्रीम की मांग।
जिंदल सुप्रीम IPO लिस्टिंग पर 32.26% संभावित मुनाफे का संकेत।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। मार्केट में सबसे ज्यादा फोकस नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE IPO) पर है। जो कि ₹22,568.94 करोड़ के बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की वजह से होना लाजमी है। इस बीच एक बहुत छोटे इश्यू ने लिस्टिंग से पहले ही सारी लाइमलाइट बटोर ली है। लोगों की नजरों में IPO को लेकर सबसे ज्यादा फोकस ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की उम्मीदों में होता है।
ऐसे मामले में जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड सबसे आगे निकल गई है। इससे लिस्टिंग के दिन मिलने वाले संभावित फायदे का जो संकेत मिल रहा है, वह NSE और हीरो मोटर्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों के लिए अनुमानित फायदे से कहीं ज्यादा है।
कौन सा IPO सबसे ज्यादा लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत दे रहा है?
| आईपीओ का नाम | मौजूदा जीएमपी | संभावित लिस्टिंग कीमत | संभावित प्रतिशत लाभ |
| जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड | ₹30 | ₹123 | 32.26% |
| एनएसई (NSE) | ₹142 | ₹1,927 | 7.96% |
| हीरो मोटर्स लिमिटेड | ₹5.50 | ₹89.50 | 6.55% |
जिंदल सुप्रीम का ऑफर, NSE के बड़े ऑफर से बेहतर प्रदर्शन क्यों कर रहा है?
जिंदल सुप्रीम के ₹124.88 करोड़ के छोटे इश्यू साइज़ (जिसमें ₹99.89 करोड़ का नया इश्यू और ₹24.99 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल या OFS शामिल है) की वजह से सप्लाई कम है, जिससे ग्रे मार्केट में इसके बेस प्राइस के मुकाबले ज़्यादा रिटर्न मिल रहा है। इसके ₹93 के अपर प्राइस बैंड पर ₹30 का प्रीमियम संभावित रूप से 32.26% का फ़ायदा देता है।
इसके उलट, एक्सचेंज NSE खुद 12.64 करोड़ शेयरों का पूरी तरह से OFS-आधारित ऑफर ला रहा है। प्रति शेयर ₹142 का सबसे ज़्यादा प्रीमियम होने के बावजूद, NSE का ₹1,785 का ऊंचा अपर प्राइस बैंड सिर्फ 7.96% का फ़ायदा दिखाता है। हीरो मोटर्स इस मामले में सबसे पीछे है, जिसका ₹5.50 का प्रीमियम सिर्फ़ 6.55% का रिटर्न देता है।
निवेशकों को किन जरूरी समय-सीमाओं पर नजर रखनी चाहिए?
तीनों इश्यू में रिटेल आवेदकों को ₹15,000 के स्टैंडर्ड लॉट थ्रेशोल्ड के आस-पास निवेश शुरू करने में एक जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ता है, लेकिन बोली लगाने का समय अलग-अलग है।
जिंदल सुप्रीम और हीरो मोटर्स
बोली लगाने की प्रक्रिया 16 सितंबर को शुरू हुई और 18 सितंबर को बंद होगी। शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर को तय होगा, जिसके बाद 23 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्टिंग होगी।
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NSE IPO
बोली लगाने की प्रक्रिया 17 सितंबर को शुरू हुई और 21 सितंबर को बंद होगी। अलॉटमेंट 22 सितंबर को तय है और लिस्टिंग 24 सितंबर को होनी है।
हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम ट्रेडर्स की सोच का शुरुआती संकेत देते हैं, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आधिकारिक ट्रेडिंग से पहले GMP अनौपचारिक और अस्थिर होते हैं।
