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Share Market Closed: बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 570 अंक गिरा, निफ्टी 22400 के नीचे बंद

By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Thu, 01 Oct 2026 05:04 PM (IST)

Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसमें सेंसेक्स 570 अंक और निफ्टी 198 अंक से अधिक गिरा।

भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद।

भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद।

HighLights

  1. भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद।

  2. सेंसेक्स 570 अंक और निफ्टी 198 अंक से अधिक गिरा।

  3. ऊर्जा कीमतों, बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों के डर से गिरावट।

आईएएनएस, मुंबई। ऊर्जा की स्थिर कीमतों, बॉन्ड यील्ड में अस्थिरता और ब्याज दरों में वृद्धि के डर से निवेशकों में घबराहट फैलने के कारण भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ लाल निशान (Share Market Closed) में बंद हुआ।

बाजार बंद होने के समय, बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर आ गया और निफ्टी 50 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें बीएसई का सेंसेक्स सूचकांक गिरकर कैलेंडर वर्ष के नए निचले स्तर पर पहुंच गया।

सेंसेक्स में दिनभर के कारोबार में 1,280 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो 72,573 के उच्च स्तर से गिरकर 71,293 के निम्न स्तर पर आ गया। इस दौरान, सूचकांक 2 अप्रैल, 2026 को बने अपने पिछले 2026 के न्यूनतम स्तर 71,545 से भी नीचे आ गया।

इस बीच, एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक में दिन के दौरान 1.7 प्रतिशत यानी 394 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जो 22,217 के न्यूनतम स्तर पर आ गया। वहीं दिन का उच्चतम स्तर 22,611 रहा। सूचकांक ने अप्रैल में कैलेंडर वर्ष का न्यूनतम स्तर 22,183 छुआ था।

किस सेक्टर में गिरावट और किसमें तेजी

निफ्टी50 इंडेक्स में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, श्रीराम फाइनेंस, टाटा स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई लाइफ, मैक्स हेल्थ और टीसीएस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 1.01 प्रतिशत और 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई।

क्या बोले एक्सपर्ट?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "मार्केट में बिकवाली की मुख्य वजह बाहरी कारण रहे हैं। बॉन्ड यील्ड कई सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है और कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे 2026-27 के आर्थिक आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। घरेलू स्तर पर भी, निवेशक Q2 के नतीजों और अगले हफ्ते आने वाली RBI की पॉलिसी को लेकर सतर्क हैं। उम्मीद है कि Q2 की कमाई Q1 के मुकाबले कमजोर रहेगी। Q1 में ऑपरेटिंग कॉस्ट के असर का फायदा मिला था, जो इस बार शायद वैसा न हो।"

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, RBI, जो पिछली पॉलिसी में ज़्यादा खुले विचारों वाला था, अब ग्लोबल महंगाई के दबाव और रुपये (INR) को सहारा देने की जरूरत को देखते हुए अपने रुख में बदलाव पर विचार कर सकता है। फिर भी, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

उन्होंने आगे कहा कि लॉन्ग-टर्म निवेशक निवेश बनाए रख सकते हैं और मार्केट की कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे और निवेश कर सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म निवेशक तब तक 'इंतजार करो और देखो' (wait-and-watch) की रणनीति अपना सकते हैं जब तक कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सरकार के मजबूत कदमों से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में स्थिरता न आ जाए।

वहीं, आरबीआई, जो पिछली पॉलिसी में ज्यादा खुले विचारों वाला था, अब ग्लोबल महंगाई के दबाव और रुपए को सहारा देने की जरूरत को देखते हुए अपने रुख में बदलाव पर विचार कर सकता है। इसके बावजूद, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

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