सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Share Market Closed: पहले भरी उड़ान, फिर धड़ाम हुआ शेयर बाजार; निफ्टी 23350 के नीचे बंद

By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Tue, 22 Sep 2026 04:31 PM (IST)

Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 329.91 अंक और निफ्टी 85.30 अंक ...और पढ़ें

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, बाजार लाल निशान पर बंद हुआ।

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, बाजार लाल निशान पर बंद हुआ।

HighLights

  1. सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, बाजार लाल निशान पर बंद हुआ।

  2. आईटी और वित्तीय शेयरों में गिरावट से निफ्टी की बढ़त टूटी।

  3. विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधानी और पोर्टफोलियो में विविधता की सलाह दी।

आईएएनएस,मुंबई। Share Market Closed: पिछले दिन की बढ़त के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स में 0.44 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह निफ्टी50 की चार दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया क्योंकि आईटी और वित्तीय शेयरों में गिरावट आई।

बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 74,529.08 पर आ गया, जबकि निफ्टी50 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत गिरकर 23,329 (Sensex and Nifty Closed) पर पहुंच गया।

किसमें दिखी गिरावट और किसमें तेजी

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.08 प्रतिशत और 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली।

निफ्टी50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा कोल इंडिया के शेयरों में 3.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, इसके साथ ही इटरनल, इंडिगो, टाइटन और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

वहीं इसके विपरीत, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, नेस्ले इंडिया, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, ग्रासिम, ट्रेंट, आयशर मोटर्स और टीसीएस सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

क्या बोले एक्सपर्ट?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट, जिसमें ब्रेंट का भाव $100/बैरल के अहम स्तर से नीचे आ गया, ने निवेशकों को कुछ राहत दी और घरेलू बाजार को दिन के निचले स्तरों से उबरने में मदद की, हालांकि कुल मिलाकर माहौल सतर्कता वाला बना रहा। ईरान विवाद को लेकर फिर से कूटनीतिक कोशिशों की उम्मीद और सऊदी अरब से तेल की सप्लाई बेहतर होने की संभावनाओं ने महंगाई के दबाव को लेकर चिंताएं कम कीं, जबकि ग्लोबल स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को और सहारा दिया।"

उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जिससे पता चलता है कि निवेशक सोच-समझकर जोखिम ले रहे हैं। हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद, बाजार के लोग इस ट्रेंड के बने रहने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं क्योंकि इसका महंगाई, बॉन्ड यील्ड और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ता है। हालांकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन एनर्जी की कीमतों में लगातार स्थिरता से कंपनियों की कमाई का अंदाजा बेहतर हो सकता है और बाजार में व्यापक रिकवरी के लिए एक मजबूत आधार मिल सकता है।

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)