Share Market Closed: शेयर बाजार में मचा हाहाकार! सेंसेक्स 777 अंक गिरा, निफ्टी 23118 पर बंद
Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 777.94 अंक और निफ्टी 279.50 अंक ...और पढ़ें
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HighLights
शेयर बाजार मंगलवार को सेंसेक्स 777, निफ्टी 279 अंक गिरा।
रक्षा और रियल्टी शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने बाजार पर दबाव बनाया।
आईएएनएस, मुंबई। Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,118.60 (Sensex Nifty Closed) पर था।
बाजार में सबसे अधिक गिरावट डिफेंस और रियल्टी स्टॉक्स में देखी गई। सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.96 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 4.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था।
किसमें दिखी ज्यादा गिरावट
इसके बाद निफ्टी मेटल 2.54 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.41 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.40 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.29 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.29 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
सूचकांकों में केवल निफ्टी आईटी ही 2.19 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,318.95 अंक या 2.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,878.25 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 483.85 अंक या 2.43 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,422.45 पर था।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल और टाटा स्टील गेनर्स थे। बीईएल, इंडिगो, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एसबीआई, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, मारुति सुजुकी,एनटीपीसी और आईटीसी लूजर्स थे।
क्या बोले एक्सपोर्ट?
बाजार के जानकारों ने कहा कि सत्र के दौरान घरेलू बाजार दबाव में रहे, इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होना था।
उन्होंने आगे निवेशकों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस हफ्ते होने वाली अहम सेंट्रल बैंक की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त किए जाने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल (खासकर अमेरिका में) को लेकर चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के बीच उभरते बाजारों के सेंटीमेंट को कमजोर किया।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
