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Share Market Closed: शेयर बाजार में मचा हाहाकार! कच्चा तेल पहुंचा 110 डॉलर के पार; निफ्टी 22700 के नीचे बंद

Published: Thu, 22 Oct 2026 03:41 PM (IST)

Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ, निफ्टी 22700 के नीचे आ गया। ...और पढ़ें

भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ।

HighLights

  1. भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ।

  2. निफ्टी 22700 के नीचे, सेंसेक्स में भी भारी गिरावट दर्ज।

  3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और आरबीआई के संकेत प्रमुख कारण।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे सेशन में भी गिरावट का दौर जारी रही। गुरुवार 22 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान निफ्टी 22700 के नीचे पर आ गया। बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी रही। ब्रेंट क्रूड ऑयल 110 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है।

कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर बंद हुआ, और निफ्टी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 पर बंद (Sensex and Nifty Closed) हुआ। इस दौरान लगभग 1323 शेयरों में तेजी आई, 2670 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

गुरुवार को भारतीय रुपया 36 पैसे गिरकर 94.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछली बार यह 94.46 पर बंद हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में नेस्ले इंडिया, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एचडीएफसी लाइफ, कोल इंडिया और एचडीएफसी बैंक शामिल रहे, जबकि तेजी दिखाने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, सिप्ला, भारती एयरटेल, बजाज ऑटो और आईसीआईसीआई बैंक शामिल थे।

सभी सेक्टोरल सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एनर्जी और एफएमसीजी (FMCG) सूचकांकों में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि मीडिया सूचकांक 2 प्रतिशत नीचे आ गया।

निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 1-1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार में क्यों आई गिरावट

यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब में और हमले किए जाने के बाद, वैश्विक तेल बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 110.68 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। इन घटनाओं के चलते अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस आने का आदेश दिया है।

बुधवार को जारी भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हालिया बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) से पता चलता है कि सदस्यों ने महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जरूरत का संकेत दिया है। हालांकि, आर्थिक विकास पर पड़ने वाले जोखिमों का हवाला देते हुए, उन्होंने बहुत सख्त मौद्रिक नीति (aggressive monetary tightening) अपनाने का समर्थन नहीं किया।

क्या बोले एक्सपर्ट?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "आज महंगाई की चिंताएं सबसे अहम रहीं, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। रुपया अपने हालिया ट्रेंड के उलट लगातार कमजोर होता गया, जिसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा। हालांकि बैंकिंग शेयरों के दम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन वे ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाए। घरेलू बॉन्ड यील्ड के फिर से अपने हालिया उच्च स्तरों पर पहुंचने के कारण, इक्विटी वैल्यूएशन प्रीमियम की फिर से समीक्षा होने लगी और लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।"

उन्होंने आगे कहा कि नतीजतन, जापान के महंगाई के आंकड़ों से पहले वैश्विक स्तर पर मिले नकारात्मक संकेतों के चलते, भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा और बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान लार्ज-कैप के मुकाबले मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा। आने वाले समय में विदेशी निवेश (फॉरेन फ्लो) पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि अगले हफ्ते फेड (Fed), ECB और BoJ के नीतिगत फैसलों से पहले निवेशक बॉन्ड यील्ड को लेकर सतर्क हैं। घरेलू स्तर पर, बाजार की दिशा Q2 के नतीजों पर निर्भर करेगी, क्योंकि निवेशक आने वाली तिमाहियों में मांग को लेकर मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

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"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)