Share Market Closed: सेंसेक्स में मामूली गिरावट, निफ्टी में उछाल; जानें प्रमुख सेक्टरों का हाल
Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ, जहां सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज ...और पढ़ें
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सेंसेक्स में मामूली गिरावट, निफ्टी 75 अंक ऊपर बंद।
HighLights
सेंसेक्स में मामूली गिरावट, निफ्टी 75 अंक ऊपर बंद।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में अच्छी बढ़त दर्ज हुई।
आईटी सेक्टर में गिरावट, मेटल-रियल्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
आईएएनएस, मुंबई। Share Market Closed: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद मिले-जुले रुख के साथ बंद (Sensex and Nifty Closed) हुआ।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर पहुंच गया।
किस सेक्टर में गिरावट और किसमें रही तेजी
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 1.24 प्रतिशत और 1.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 इंडेक्स में अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और अपोलो हॉस्पिटल टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि टीसीएस, टीएमपीवी, एसबीआई लाइफ, कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, टाटा कंज्यूमर और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
क्या बोले एक्सपर्ट?
लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता की चिंताओं के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड में नरमी से रिस्क लेने की इच्छा बढ़ी, जिससे भारतीय इक्विटी में रिकवरी जारी रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा- "भू-राजनीतिक अनिश्चितता की चिंताओं के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड में कमी से रिस्क लेने की क्षमता बेहतर हुई, जिससे भारतीय इक्विटी मार्केट में रिकवरी जारी रही। बड़े सेंट्रल बैंकों द्वारा उम्मीद के मुताबिक पॉलिसी एक्शन और ग्लोबल स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों से निवेशकों का भरोसा और बढ़ा।"
उन्होंने आगे कहा कि रिकवरी सभी सेक्टर में देखी गई, हालांकि प्रॉफिट बुकिंग के कारण IT शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि इस बात की चिंता बनी हुई है कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का असर ग्लोबल टेक खर्च पर पड़ सकता है। हालांकि तेल की कीमतों और यील्ड में हालिया कमी से कुछ समय के लिए राहत मिली है, लेकिन मार्केट की रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह ग्लोबल मैक्रो रिस्क में और कमी आने और विदेशी निवेशकों के निवेश में सार्थक बढ़ोतरी पर निर्भर करेगा।
बड़े सेंट्रल बैंकों द्वारा उम्मीद के मुताबिक, पॉलिसी एक्शन के बाद मिले पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से निवेशकों का भरोसा और बढ़ा। एक्सपर्ट ने आगे कहा कि रिकवरी सभी सेक्टर में दिखी, हालांकि प्रॉफिट बुकिंग के कारण आईटी शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि इस बात की चिंता बनी हुई थी कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का असर ग्लोबल टेक खर्च पर पड़ सकता है।
हालांकि तेल की कीमतों और यील्ड में हालिया नरमी से कुछ समय के लिए राहत मिली है, लेकिन मार्केट की रिकवरी कितनी बनी रहेगी, यह ग्लोबल मैक्रो रिस्क में और कमी आने और विदेशी निवेशकों के निवेश में ठोस बढ़ोतरी पर निर्भर करेगा।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट पर आधारित है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
