Vedanta Demerger: वेदांता निवेशकों के लिए बड़ी खबर, अनिल अग्रवाल का 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग पर 2 लाख करोड़ का प्लान
वेदांता समूह की डीमर्जर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस बीच चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एल्युमीनियम, तेल-गैस, बिजली और इस्पात ...और पढ़ें

वेदांता के डीमर्जर की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।

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नई दिल्ली। वेदांता समूह के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। कंपनी की डीमर्जर प्रक्रिया (Vedanta demerger news) अब अंतिम चरण में है। इसके अलावा, वेदांता के अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal 20 billion investment) ने एक आक्रामक विस्तार योजना की घोषणा की है। कंपनी अगले तीन से 5 साल में एल्युमीनियम, तेल और गैस, बिजली और इस्पात जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए 20 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपये) का भारी निवेश करने की योजना बना रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के आंतरिक राजस्व से आएगा।
वेदांता की 4 नई कंपनियां कब लिस्ट होंगी?
वेदांता डीमर्जर के लिए सभी जरूरी मंजूरी मिल गई हैं। अब अनिल अग्रवाल के अनुसार, इस बड़े फेरबदल के जरिए यह तय करना है कि प्रत्येक बिजनेस स्वतंत्र रूप से काम करके विकसित हो, इसके अलावा प्रबंधन का ध्यान केंद्रित करने का तरीका बेहतर हो और प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अलग रणनीति हो। उम्मीद है कि ये नई डीमर्जर 4 यूनिट अगले महीने तक शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से कारोबार शुरू कर देंगी। शेयर बाजार के आंकड़ों की बात करें तो (Vedanta share price) वेदांता का शेयर 3.70% की तेजी के साथ ₹344.80 पर बंद हुआ। इस साल स्टॉक में 42% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। वर्तमान में कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹1.28 लाख करोड़ है।
एल्युमीनियम के लिए कंपनी का प्लान
एल्युमीनियम बिजनेस वेदांता के भविष्य के विकास में जरूरी होगा। वर्तमान में, कंपनी हर साल करीब 30 लाख टन एल्युमीनियम का प्रोडक्शन कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन साल में इस कैपेसिटी को दोगुना करके 60 लाख टन तक पहुंचाना है।
इसके अलावा, कंपनी औद्योगिक पार्क बनाकर एक 'डाउनस्ट्रीम इकोसिस्टम' बनाना चाहती है, जो एल्युमीनियम को कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाली नई विनिर्माण इकाइयों को बढ़ावा दे सके।
तेल और गैस क्षेत्र में 5 अरब डॉलर का निवेश
समूह का दूसरा सबसे बड़ा फोकस तेल और गैस क्षेत्र पर है। अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कंपनी अगले तीन से पांच वर्षों में इस क्षेत्र में 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। लक्ष्य न्यूनतम लागत पर 5 लाख बैरल तेल का उत्पादन हासिल करना है।
भारत के विशाल हाइड्रोकार्बन भंडार पर जोर देते हुए अग्रवाल ने कहा कि कंपनी शेल गैस, गहरे पानी, उथले पानी और टाइट ऑयल संपत्तियों में नए अवसरों की खोज कर रही है।
पावर और स्टील सेकट्र में कितना विस्तार होगा?
वेदांता वर्तमान में लगभग 4,000 मेगावाट (MW) बिजली का उत्पादन करती है। कंपनी मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार (ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन) के माध्यम से उत्पादन को 20,000 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना बना रही है। वहीं स्टील में कंपनी का लक्ष्य अपने उत्पादन को 40 लाख (4 मिलियन) टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ (15 मिलियन) टन करना है। इसमें मुख्य फोकस स्पेशलाइज्ड और इलेक्ट्रिकल स्टील पर रहेगा, क्योंकि भारत में बुनियादी ढांचे और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
