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बैंक ऑफ बड़ौदा पर 15 अरब डॉलर का मुकदमा! बीआर शेट्टी ने किया अदालत का रुख; धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का लगाया आरोप

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:33 AM (IST)

बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 3% की गिरावट आई, जब NMC हेल्थकेयर के संस्थापक बीआर शेट्टी ने बैंक और ...और पढ़ें

बैंक ऑफ बड़ौदा पर संकट!

बैंक ऑफ बड़ौदा पर संकट!

HighLights

  1. बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर 15 अरब डॉलर का मुकदमा किया

  2. धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग में बैंक की संलिप्तता का आरोप

  3. बैंक ऑफ बड़ौदा ने आरोपों को मजबूती से खारिज किया

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार के कारोबार में बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 3% की गिरावट आई और यह निफ्टी 100 पर सबसे अधिक नुकसान वाला शेयर रहा। यह गिरावट तब आई जब NMC हेल्थकेयर के फाउंडर बीआर शेट्टी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में इस सरकारी बैंक और 25 अन्य लोगों के खिलाफ 15 अरब डॉलर (करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये) के हर्जाने का मुकदमा दायर किया। बैंक ने कहा कि उसे अभी तक मुकदमे की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन वह इन आरोपों का मजबूती से जवाब देगा।

किस भाव पर है शेयर?

करीब सवा 10 बजे बैंक के शेयर में 2.5 फीसदी की गिरावट है और ये 231.65 रुपये पर है। बता दें कि बीते 6 महीनों में ये शेयर 17 फीसदी फिसल चुका है।

ये है पूरा मामला

NMC हेल्थकेयर और UAE एक्सचेंज के फाउंडर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा और 25 अन्य लोगों से 15 अरब डॉलर (करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये) के हर्जाने की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि बैंक और उसके कुछ अधिकारियों ने उनके ग्रुप की कंपनियों से जुड़े धोखाधड़ी वाले लेन-देन में मदद की।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार याचिका में शेट्टी ने सीधे नुकसान, नतीजतन हुए नुकसान (जैसे बिजनेस के मौकों का नुकसान) और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए 5-5 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग की है। उन्होंने मांगे गए हर्जाने पर सालाना 18% ब्याज की भी मांग की है।

फंड को दूसरी जगह भेजने में मदद का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने सप्लायर्स से जुड़े खातों के जरिए फंड को दूसरी जगह भेजने में मदद की, मनी-लॉन्ड्रिंग विरोधी अलर्ट की ठीक से जांच नहीं की और बिना मंजूरी वाले लेन-देन होने दिए। शेट्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि लोन लेने और उनके खिलाफ देनदारियां तय करने के लिए जाली हस्ताक्षरों वाली पर्सनल गारंटी का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने बैंकिंग रिकॉर्ड और इंटरनल कंप्लायंस डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक करने की मांग की है। इन आरोपों की अदालत में पुष्टि नहीं हुई है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने आरोपों को खारिज किया और 2,800 करोड़ रुपये की बकाया राशि का जिक्र किया।

अमेरिका में खारिज हुआ मुकदमा

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुताबिक न्यूयॉर्क में शेट्टी की ओर से इसी तरह के आरोपों के साथ दायर एक मुकदमा जुलाई 2024 में खारिज कर दिया गया था। बैंक ने कहा कि धोखाधड़ी, गलत तरीके से ट्रेडिंग और धोखाधड़ी वाली ट्रेडिंग के आरोपों को लेकर अबू धाबी ग्लोबल मार्केट कोर्ट में शेट्टी और NMC के पूर्व एग्जीक्यूटिव प्रशांत मंगहट के खिलाफ चल रही कार्यवाही में भी फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
नए मुकदमे में मांगे गए $15 बिलियन का मतलब है कि यह दावा किया गया नुकसान है, न कि बैंक के खिलाफ तय की गई कोई जिम्मेदारी।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)