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Bank of Baroda Q1 Results: सरकारी बैंक के मुनाफे में इस वजह से भयंकर गिरावट, NII में आया उछाल

By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Fri, 24 Jul 2026 10:36 PM (IST)

बैंक ऑफ बड़ौदा का Q1 शुद्ध मुनाफा एकमुश्त घाटे के कारण 71.9% घटकर 1,278 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट इंटरेस्ट ...और पढ़ें

बैंक ऑफ बड़ौदा  का शुद्ध मुनाफा 71.9% घटकर 1,278 करोड़ रुपये रहा।

बैंक ऑफ बड़ौदा  का शुद्ध मुनाफा 71.9% घटकर 1,278 करोड़ रुपये रहा।

HighLights

  1. शुद्ध मुनाफा 71.9% घटकर 1,278 करोड़ रुपये रहा।

  2. एकमुश्त 5,680 करोड़ रुपये के घाटे से मुनाफा प्रभावित।

  3. नेट इंटरेस्ट इनकम 9.5% बढ़कर 12,525 करोड़ रुपये हुई।

IANS, नई दिल्ली। Bank of Baroda Q1 Results: सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 71.9 प्रतिशत घटकर 1,278 करोड़ रुपए रह गया। बैंक ने बताया कि तिमाही के दौरान 5,680 करोड़ रुपए के एकमुश्त घाटे (वन-टाइम लॉस) का असर उसके मुनाफे पर पड़ा। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और ब्याज आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जून 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 1,278 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4,541 करोड़ रुपए था। मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह तिमाही के दौरान दर्ज किया गया एकमुश्त घाटा रहा।

NII में 9.5% की बढ़ोतरी

इसके बावजूद बैंक ऑफ बड़ौदा का मुख्य परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहा। पहली तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत बढ़कर 12,525 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 11,435 करोड़ रुपए थी। बैंक ने बताया कि कर्ज वितरण में लगातार बढ़ोतरी से एनआईआई (Net Interest Income) को मजबूती मिली।

बैंक की ब्याज आय भी सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत बढ़कर 33,211 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 31,091 करोड़ रुपए थी। तिमाही के दौरान प्रोविजन और टैक्स से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8,127 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 8,236 करोड़ रुपए की तुलना में मामूली कम है।

कैसी रही बैंक ऑफ बड़ौदा की एसेट क्वालिटी

हालांकि, बैंक की एसेट क्वालिटी में तिमाही आधार पर हल्की कमजोरी देखने को मिली। जून के अंत तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) बढ़कर 1.99 प्रतिशत हो गया, जो मार्च के अंत में 1.89 प्रतिशत था। वहीं, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनएनपीए) भी 0.45 प्रतिशत से बढ़कर 0.50 प्रतिशत हो गया।

बैंक ने बताया कि एकमुश्त घाटे के बावजूद प्रोविजन में उल्लेखनीय कमी आई है। पहली तिमाही में कुल प्रोविजन घटकर 643 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 3,150 करोड़ रुपए और एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 1,967 करोड़ रुपए था। बैंक के अनुसार, प्रोविजन में कमी से यह संकेत मिलता है कि उसकी क्रेडिट कॉस्ट में सुधार हुआ है, हालांकि तिमाही के दौरान एसेट क्वालिटी में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

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(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)