आजादी से पुरानी कंपनी घाटे से मुनाफे में आई, दहाड़ता हुआ भागा शेयर; फाउंडर ने स्वदेशी आंदोलन में की थी महात्मा गांधी की मदद
अरविंद फैशंस लिमिटेड को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ₹66.34 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जबकि पिछले साल ...और पढ़ें

घाटे से मुनाफे में आई अरविंद फैशंस

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। कपड़े बनाने वाली कंपनी अरविंद फैशंस लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में प्रॉफिट 66.34 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में 72.49 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशनल इनकम सालाना आधार पर 1,189.06 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,364.79 करोड़ रुपये रही। कुल खर्च बढ़कर 1,295.7 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 1,134.03 करोड़ रुपये था। अरविंद फैशंस का इतिहास बेहद खास है। आइए आपको बताते हैं।
95 साल पहले शुरुआत
अरविंद लिमिटेड की शुरुआत कस्तूरभाई लालभाई ने 1931 में की थी। तब इसका नाम अरविंद मिल्स था। अरविंद में से ही 2018 में अरविंद फैशंस को डीमर्ज किया गया। बता दें कस्तूरभाई 1930 के दशक में, महात्मा गांधी के करीब आ गए और स्वदेशी आंदोलन में उनकी मदद की।
इस आंदोलन में विदेशी सामानों का बहिष्कार किया गया और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया गया। 1930 के दशक की आर्थिक मंदी के दौरान, वे भारतीय वस्त्रों पर करों को लेकर अंग्रेजों के साथ बातचीत में भी शामिल रहे।
FY26 में कैसा रहा परफॉर्मेंस
वित्त वर्ष 2025-26 में अरविंद फैशंस का प्रॉफिट 183.66 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2024-25 में यह 32.98 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 4,619.84 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,266.19 करोड़ रुपये हो गया।
शानदार नतीजों से कंपनी का शेयर 10 फीसदी चढ़ा है। करीब सवा 3 बजे ये 10.14 फीसदी चढ़कर 480.65 रुपये पर है।
डिविडेंड का किया एलान
अरविंद फैशंस ने कहा कि निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए चार रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 1.60 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। हालांकि, यह आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी।
कंपनी की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमीषा जैन ने 2025-26 ‘‘एक और मजबूत वर्ष’’ बताते हुए कहा कि यह कंपनी की आय गुणवत्ता और निरंतरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ आगे हमारा ध्यान प्रमुख ब्रांड में वृद्धि तेज करने, नए संबंधित उत्पाद वर्गों में विस्तार, ब्रांड निवेश बढ़ाकर उपभोक्ता जुड़ाव मजबूत करने और ब्रांड अनुभव को बेहतर बनाकर प्रत्यक्ष चैनल की हिस्सेदारी बढ़ाने पर रहेगा।’’
ये भी पढ़ें - ये हैं दिल्ली के टॉप-10 रईस, गैराज से हुई थी नंबर 1 वाले की शुरुआत; आज हर घंटे कमाते हैं करोड़ों रुपये!
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
