सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

JP Power को खरीदने वाली Adani Power के धमाकेदारी तिमाही नतीजे, मुनाफा 134% बढ़कर हुआ 6919 करोड़ रुपये

Published: Fri, 23 Oct 2026 05:14 PM (IST)

Adani Power Q2 Result: अदाणी पावर ने जुलाई-सितंबर तिमाही में ₹6919 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जो सालाना आधार ...और पढ़ें

अदाणी पावर का मुनाफा 134% बढ़कर ₹6919 करोड़

अदाणी पावर का मुनाफा 134% बढ़कर ₹6919 करोड़

HighLights

  1. मुनाफा 134% बढ़कर ₹6919 करोड़, 'डेफर्ड टैक्स क्रेडिट' से उछाल।

  2. ऑपरेशनल रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹19439 करोड़, मजबूत बिक्री दरें।

  3. कुल बिजली बिक्री 11.5% बढ़ी, उत्पादन में भी 11% वृद्धि।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Adani Power Q2 Results: भारत की दिग्गज पावर कंपनी अदाणी पावर ने जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। दूसरी तिमाही में इसके मुनाफे में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। JP Power को खरीदने वाली अदाणी पावर ने दूसरी तिमाही में 6919 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। सालाना आधार पर इसमें 134% देखी गई। एक साल पहले इसी तिमाही में अदाणी पावर का मुनाफा 2953 करोड़ रुपये था।

अदाणी पावर के मुनाफे में यह भारी उछाल, इस तिमाही के दौरान मिले ₹459 करोड़ के 'डेफर्ड टैक्स क्रेडिट' (स्थगित कर क्रेडिट) की वजह से आया है।

अदाणी पावर के रेवेन्यू में भी आया उछाल

सितंबर तिमाही के अंत में, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹19439 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹13,457 करोड़ था। अदाणी पावर का EBITDA मार्जिन 38.2% से 410 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 42.34% हो गया है।

बिजली की मजबूत मांग और बिक्री दरों में बढ़ोतरी के चलते, इस तिमाही में कुल बिजली बिक्री 11.5% बढ़कर 26.4 अरब यूनिट (BU) हो गई, जबकि एक साल पहले यह 23.7 BU थी।

ईंधन की लागत ₹7,216.23 करोड़ से 41.8% बढ़कर ₹10,229.38 करोड़ हो गई। इसका मुख्य कारण बिक्री की मात्रा में वृद्धि और आयातित कोयले की लैंडेड कॉस्ट (पहुंच लागत) में 50% की बढ़ोतरी है।

फाइनेंस कॉस्ट ₹841.63 करोड़ से 9.7% घटकर ₹760.23 करोड़ रह गई। इसके पीछे मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो और ऑपरेशनल कर्ज के नियंत्रित इस्तेमाल का योगदान रहा।

अदाणी पावर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "बढ़ती मांग के कारण बिजली उत्पादन में साल-दर-साल 11% की वृद्धि हुई और यह 536 बिलियन यूनिट (BU) तक पहुंच गया। इसके साथ ही, जलविद्युत (हाइड्रोपावर) की कम उपलब्धता के चलते, बिजली आपूर्ति में कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन का योगदान बढ़कर 66% हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में यह 65% था।"

यह भी पढ़ें- JIO IPO ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 1 करोड़ से अधिक बोली पाने वाला दुनिया का पहला इश्यू, वारी एनर्जी को छोड़ा पीछे

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)