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अदाणी ग्रुप ने SEBI के साथ MPS नियमों के उल्लंघन का मामला ₹1.48 करोड़ में सुलझाया

Published: Mon, 28 Sep 2026 09:03 PM (IST)

अदाणी ग्रुप की चार कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स ने मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में ...और पढ़ें

अदाणी ग्रुप की चार कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स ने SEBI के साथ MPS मामले को ₹1.48 करोड़ में सुलझाया

अदाणी ग्रुप की चार कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स ने SEBI के साथ MPS मामले को ₹1.48 करोड़ में सुलझाया


HighLights

  1. अदाणी ग्रुप ने SEBI के साथ MPS मामले में समझौता किया।

  2. चार कंपनियों और डायरेक्टर्स ने ₹1.48 करोड़ का भुगतान किया।

  3. SEBI ने भविष्य में कार्यवाही पुनः शुरू करने का अधिकार रखा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अदाणी ग्रुप की चार कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स ने मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के साथ मामला सुलझा लिया है। इसके लिए आवेदकों ने कुल मिलाकर ₹1.48 करोड़ का भुगतान किया है।

इस सेटलमेंट में अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) और अदाणी ट्रांसमिशन (जिसे अब अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के नाम से जाना जाता है) के साथ-साथ उनके संबंधित डायरेक्टर्स भी शामिल हैं।

SEBI ने अक्टूबर 2020 में जांच शुरू की थी। यह जांच उस साल जून और जुलाई में मिली शिकायतों के बाद शुरू की गई थी, जिनमें आरोप लगाया गया था कि अदाणी ग्रुप की कुछ कंपनियां MPS नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।

जांच के बाद, रेगुलेटर ने सितंबर 2024 में एक 'शो-कॉज़ नोटिस' जारी किया। इसमें आरोप लगाया गया कि कंपनियां और उनके लिए जिम्मेदार लोग सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, लिस्टिंग एग्रीमेंट और SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशंस के तहत MPS नियमों का पालन करने में विफल रहे।

मार्च 2025 में एक सप्लीमेंट्री शो-कॉज़ नोटिस जारी किया गया, जिसमें आरोपों से संबंधित अतिरिक्त जानकारी रिकॉर्ड पर रखी गई।

सेटलमेंट की शर्तों के तहत, चारों कंपनियों और उनके संबंधित डायरेक्टर्स में से प्रत्येक ने ₹37.05 लाख का भुगतान करने पर सहमति जताई, जिससे कुल सेटलमेंट राशि ₹1.48 करोड़ हो गई। यह राशि प्रत्येक कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को संयुक्त रूप से और अलग-अलग (jointly and severally) चुकानी थी।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के मामले में, सेटलमेंट में कंपनी के साथ-साथ गौतम एस. अदाणी, राजेश एस. अदाणी, दीपक भार्गव, लक्ष्मी नारायण मिश्रा और अनिल कुमार सरदाना शामिल हैं।

अदाणी पावर के सेटलमेंट में गौतम एस. अदाणी, राजेश एस. अदाणी और विनीत जैन शामिल हैं, जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज के सेटलमेंट में गौतम एस. अदाणी, राजेश एस. अदाणी, देवांग एस. देसाई, वसंत एस. अदाणी, अमित एच. देसाई, प्रणव विनोद अदाणी और विनय प्रकाश शामिल हैं।

APSEZ के लिए, जिन डायरेक्टर्स को इसमें शामिल किया गया है, वे हैं गौतम एस. अदाणी, राजेश एस. अदाणी, मलय महादेवीया, राजीव रंजन सिन्हा और सुदीप्त भट्टाचार्य।

आवेदकों ने तथ्यों और कानूनी निष्कर्षों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना कार्यवाही को निपटाने का प्रस्ताव दिया था। उनकी संशोधित सेटलमेंट शर्तें मई 2026 में जमा की गई थीं और बाद में SEBI की सेटलमेंट प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें मंज़ूरी दी गई।

रेगुलेटर की हाई-पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने जून में सेटलमेंट की सिफारिश की, जिसके बाद अगस्त में SEBI के होल-टाइम मेंबर्स के पैनल ने इसे मंज़ूरी दी। 25 अगस्त को डिमांड नोटिस जारी किए गए और आवेदकों ने 26 अगस्त को सेटलमेंट की रकम जमा कर दी, जिसकी पुष्टि SEBI ने की।

28 सितंबर 2026 के सेटलमेंट ऑर्डर के साथ, SEBI ने सितंबर 2024 और मार्च 2025 के शो-कॉज़ नोटिस से जुड़ी कार्यवाही को निपटा दिया है। हालाँकि, ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि अगर सेटलमेंट प्रक्रिया के दौरान दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, सेटलमेंट की शर्तों का उल्लंघन होता है या सेटलमेंट की शर्तें तय करने में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो SEBI के पास कार्यवाही को फिर से शुरू करने का अधिकार सुरक्षित है।

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