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अदाणी ने जिस सीमेंट कंपनी को 2022 में था खरीदा, आ गए उसके नतीजे; मुनाफे में 84% की भारी गिरावट

Published: Thu, 29 Oct 2026 05:24 PM (IST)

Ambuja Cement Q2 results: अदाणी समूह द्वारा अधिग्रहित अंबुजा सीमेंट के Q2 नतीजों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मुनाफा 84% घटकर ₹193 करोड़ रह गया।

अंबुजा सीमेंट का मुनाफा 84% गिरकर ₹193 करोड़ हुआ।

अंबुजा सीमेंट का मुनाफा 84% गिरकर ₹193 करोड़ हुआ।

HighLights

  1. अंबुजा सीमेंट का मुनाफा 84% गिरकर ₹193 करोड़ हुआ।

  2. उच्च पेटकोक, कोयला कीमतों से परिचालन लाभ प्रभावित।

  3. बिक्री मिश्रण में सुधार, प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Ambuja Cement Q2 results: भारत के दूसरे सबसे बड़े अरबपति गौतम अदाणी अदाणी ने जिस अंबूजा सीमेंट को खरीदा था, उसके नतीजे आ गए है। कंपनी के मुनाफे में भारी गिरावट देखी गई है। सालाना आधार पर अंबुजा सीमेंट का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 84 फीसदी गिरकर 193 करोड़ रुपये पर आ गया। पिछले साल इसी अवधि में अंबुजा सीमेंट का मुनाफा 1174 करोड़ रुपये था।

अदाणी समूह ने 15 मई 2022 को अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड में होल्सिम समूह की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने की घोषणा की थी और सितंबर 2022 में इस सौदे को पूरा कर लिया।

कितना रहा अदाणी की अंबुजा सीमेंट का रेवेन्यू

30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अदाणी अंबुजा सीमेंट का परिचालन राजस्व (revenue from operations) मामूली रूप से बढ़कर ₹9,166 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹9,130 करोड़ था।

अंबुजा सीमेंट्स के परिचालन प्रदर्शन में भी दूसरी तिमाही (Q2) के दौरान गिरावट देखी गई। इसका परिचालन लाभ (operating profit) - जिसे ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) भी कहा जाता है - पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के ₹1,717 करोड़ से 28% घटकर ₹1,240 करोड़ रह गया।

सीमेंट की बिक्री भी घटी

अंबुजा सीमेंट की बिक्री सालाना आधार पर 0.6 प्रतिशत घटकर 16.5 मिलियन टन रह गई। प्रति टन EBITDA एक साल पहले के 1,061 रुपये से गिरकर 770 रुपये हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 19.2 प्रतिशत से घटकर 13.8 प्रतिशत रह गया।

अंबुजा ने इस दबाव के लिए पेटकोक और कोयले की ऊंची कीमतों, कोयले की सीमित उपलब्धता, डीजल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत, साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मानसून से जुड़ी चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया।

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