नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। देशभर में अपने पोस्टल नेटवर्क का संचालन करने वाला इंडिया पोस्ट तमाम तरह की बैंकिंग और रेमिटेंस सेवाएं प्रदान करता है। इसके अलावा इंडिया पोस्ट निवेशकों के लिए तमाम तरह की छोटी बचत योजनाओं का संचालन भी करता है। इन्हीं स्कीम्स में से एक है इंडिया पोस्ट की पांच वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट। इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक पांच वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट (आरडी) पर 7.3 फीसद की दर से ब्याज मुहैया करवाया जा रहा है।

पोस्ट ऑफिस के आरडी अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज की गणना सालाना आधार पर की जाती है। इंडिया पोस्ट के पास देशभर में 1.55 लाख पोस्ट ऑफिसेज का भारी भरकम नेटवर्क है। अगर आप पोस्ट ऑफिस में इस खाते को खुलवाने का विचार बना रहे हैं तो आपको इसके बारे में 10 बातें जरूर जाननी चाहिए। जानिए इससे जुड़ी अहम बातें:

  • पोस्ट ऑफिस का रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट (आरडी) नकदी या चेक के माध्यम से खोला जा सकता है। चेक देने की स्थिति में आपको उसी दिन की तारीख वाला चेक देना होगा जिस दिन आप खाता खुलवा रहे होते हैं।
  • रेकरिंग डिपॉजिट एक तरह का टर्म डिपॉजिट होता है। फिक्स्ड डिपॉजिट, जिसमें आपकी एकमुश्त राशि एक निश्चित समय के लिए लॉक हो जाती है के इतर रेकरिंग डिपॉजिट निवेशक को नियमित अंतराल पर निश्चित राशि का निवेश करने की अनुमति देता है; उदाहरण के लिए, हर महीने।
  • पोस्ट ऑफिस में रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट खोलने के लिए अनिवार्य मिनिमम अकाउंट 10 रुपये प्रति माह है। हालांकि इस आरडी अकाउंट में निवेश की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। निवेशक 5 रुपये से ऊपर और 10 रुपये के गुणकों में कोई भी राशि चुनकर निवेश कर सकता है।
  • मैच्योरिटी पर 10 रुपये प्रति माह का रेकरिंग डिपॉजिट 725.05 रुपये का रिटर्न देता है। पोस्ट ऑफिस के 5 वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट को मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी सालाना आधार पर अन्य 5 वर्षों तक बढ़वाया जा सकता है।
  • खाते को खुलवाते समय और खुलवाने के बाद नॉमिनेशन की सुविधा दी जाती है।
  • पोस्ट ऑफिस के रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांस्फर करवाया जा सकता है।
  • किसी एक पोस्ट ऑफिस में जितने भी चाहें आरडी अकाउंट खुलवाए जा सकते हैं।
  • पोस्ट ऑफिस का रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट (आरडी) नाबालिग के नाम पर खोला जा सकता है, जहां नाबालिग 10 वर्ष या उससे ऊपर का हो दोनों खाते को खोल सकते हैं और उसका संचालन कर सकते हैं। बालिग होने की सूरत में नाबालिग अपने नाम पर खाते को ट्रांस्फर करवाने के लिए आवेदन कर सकता है।
  • दो नाबालिगों के नाम पर ज्वाइंट अकाउंट खोला जा सकता है। एक सिंगल अकाउंट को ज्वाइंट अकाउंट में बदला सकता है और ज्वाइंट अकाउंट को सिंगल अकाउंट में भी बदला जा सकता है।
  • इस बचत योजना में एक साल के बाद 50 फीसद रकम निकलाने की भी सुविधा उपलब्ध होती है।
  • आपको बता दें कि अगर आरडी पर 10 हजार से ज्यादा सालाना ब्याज मिलता है तो वह टैक्सेडबल होगा, यानी आपको इस पर कर का भुगतान करना होगा।

 

Posted By: Praveen Dwivedi

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