नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकारी नौकरी सिर्फ दो वजहों से ही लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहती है। पहला नौकरी का सुरक्षित रहना और दूसरा रिटायरमेंट के बाद अच्छी पेंशन मिलना, जिससे बुढ़ापे का वक्त आराम से कट जाता है। हालांकि प्राइवेट सेक्टर में ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर आप भी ऐसी ही सोच रखते हैं तो जरा ठहरिए। प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हुए आप भी रिटायरमेंट के बाद अच्छी पेंशन पाने का इंतजाम कर सकते हैं। अगर आपको इस तरह की किसी स्कीम के बारे में जानकारी नहीं हैं तो आपको हमारी यह खबर पढ़नी चाहिए।

मतलब प्राइवेट नौकरी करते हुए भी आप 60 वर्ष की उम्र में एक निश्चित मासिक पेंशन का जुगाड़ कर सकते हैं। इस काम में केंद्र सरकार की नेशनल पेंशन सिस्टम स्कीम (एनपीएएस) आपकी मदद कर सकती है। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी व्यक्ति, किसान या फिर बिजनेसमैन कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम में निवेश कर सकता है। इसके लिए एक खाता खुलवाना होता है।

क्या है एनपीएस?

एनपीएस अकाउंट की सुविधा देश के तमाम बैंकों की ओर से दी जाती है। एसबीआई के एनपीएस अकाउंट को 18 वर्ष से 65 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता है। एनपीएस खाते में एक साल के भीतर 6000 रुपये मेंटेन करने होते हैं। एक वित्त वर्ष के दौरान एनपीएस खाते में किया जाने वाला 2 लाख रुपये तक का निवेश आयकर की धारा 80CCD(1) और Section 80CCD(2) के अंतर्गत छूट के दायरे में आता है।

कैसे काम करता है एनपीएस?

एनपीएस ज्वाइन करने पर ग्राहक को एक यूनीक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्रान) मिलता है। ग्राहक रिटायरमेंट तक इसमें योगदान करता है। रिटायरमेंट पर ग्राहक कुल जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त तौर पर निकाल सकता है। बाकी राशि एक एन्यूटी में निवेश करनी होती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन मिलती है। ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में संपूर्ण राशि उसके द्वारा नामित व्यक्ति को दी जाती है।

रिटायरमेंट के बाद के वक्त के लिए कैसे होगा मासिक पेंशन का जुगाड़?

मान लीजिए आपकी उम्र 30 वर्ष है और आप एनपीएस में 7,000 रुपये का मासिक योगदान कर रहे हैं तो आप 60 वर्ष की उम्र में अपने कॉर्पस में 6 लाख 38 हजार रुपये जोड़ चुके होंगे। इसके अलावा आपको 42,547 रुपये की मासिक पेंशन मिलना भी शुरू हो जाएगी।

कैसे कैलकुलेट कर सकते हैं मासिक पेंशन: ऑनलाइन ऐसे काफी सारे कैलकुलेटर उपलब्ध हैं जिनकी मदद से आप आसानी से रिटायरमेंट के बाद अपनी मासिक पेंशन की गणना कर सकते हैं।

 

 

Posted By: Praveen Dwivedi