नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। India Post की Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) सीनियर सिटिजन की कटेगरी में आने वाले लोगों के लिए बचत का एक सबसे अच्छा जरिया साबित हो सकती है। अगर आप भी वरिष्ठ नागरिकों की श्रेणी में आते हैं और स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेश करना चाह रहे हैं तो डाकघर की Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) आप इस योजना को अपना सकते हैं। अधिकतर वरिष्ठ नागरिक रिटायरमेंट के बाद अपने खर्चों और जिंदगी को अच्छे से चलाने के लिए अलग अलग जगहों पर निवेश करते हैं। ऐसे में अगर आप चाहें तो, आप भी पोस्ट ऑफिस की SCSS स्कीम में निवेश कर सकते हैं जहां पर आपको काफी बेहतर ब्याज दर के साथ निवेश पर सरकारी सुरक्षा का फायदा भी हासिल होता है।

कितनी है जमा कराने की रकम

Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) में कोई भी व्यक्ति 1,000 रुपये के गुणक में अधिकतम 15 लाख रुपये तक जमा कर सकता है। इस योजना के तहत निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 C के अंतर्गत लाभ के लिए योग्य है।

कौन खुलवा सकता है खाता

डाकघर की इस योजना में 60 साल से ज्यादा की उम्र का व्यक्ति अपना खाता खुलवा सकता है। इसके अलावा 55 से 60 साल के बीच के सेवानिवृत्त नागरिक रिटायरमेंट लाभ मिलने के 1 महीने के अंदर निवेश करने की शर्त पर अपना अकाउंट खुलवा सकते हैं। इस योजना के तहत खाता व्यक्तिगत तौर पर या पति पत्नी के साथ ज्वाइंट तौर पर भी खोला जा सकता है।

कितना ब्याज मिलेगा

SCSS के तहत निवेश करने पर जमाकर्ता को सालाना 7.4 फीसद की दर से ब्याज का फायदा हासिल होता है। इसके तहत ब्याज पहली बार में डिपॉजिट की तारीख से 31 मार्च, 30 सितंबर, 31 दिसंबर को मिलता है और दूसरी बार में 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर, और 31 दिसंबर को ब्याज प्राप्त होता है। इस योजना में ब्याज हर तीन महीने के आधार पर दिया जाता है और जमा करने की तारीख से जुड़ना शुरू होता है।

ब्याज को उसी डाकघर या ईसीएस में बचत खाते में ऑटो क्रेडिट के माध्यम निकाला जा सकता है। सीबीएस डाकघरों में SCSS खातों के मामले में, हर मीहने का ब्याज किसी भी सीबीएस डाकघर के बचत खाते में जमा कराया जा सकता है। आपको यह बताते चलें कि, इस योजना के तहत मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है। अगर सभी SCSS खातों में कुल ब्याज एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये से अधिक है तो निर्धारित दर पर TDS भुगतान किए गए कुल ब्याज से काटा जाएगा। यदि फॉर्म 15 जी/15एच जमा किया जाता है और अर्जित ब्याज निर्धारित सीमा से अधिक नहीं है तो कोई TDS नहीं काटा जाएगा।

Edited By: Abhishek Poddar