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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र या एनएससी एक लोकप्रिय लघु बचत योजना है। गारंटीकृत रिटर्न के अलावा, यह निवेश पर आयकर कटौती का लाभ भी देता है। एनएससी की मैच्योरिटी अवधि पांच वर्ष है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर को तिमाही आधार पर संशोधित किया जाता है लेकिन एनएससी पर निवेश के समय लागू ब्याज दर निवेश के पूरे कार्यकाल के दौरान समान रहती है।

1) वर्तमान में, नए निवेशकों के लिए एनएससी पर ब्याज दर 7.9% वार्षिक है।

2) इसमें 100 रुपये का निवेश पांच साल बाद 146.25 रुपये हो जाता है।

3) एनएससी के मामले में निवेशक को हर साल ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है, लेकिन यह जमा हो जाता है।

4) धारा 80सी के तहत एनएससी में प्रति वर्ष 5 1.5 लाख तक का निवेश कर कटौती के योग्य है। कर योग्य आय पर आने के लिए सकल कुल आय से राशि काटी जाती है।

5) आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत एनएससी में निवेश पर आय से 100000 रुपए तक की छूट प्राप्त की जा सकती है। एनएससी में निवेश किसी भी पोस्ट ऑफिस, जहां पर सेविंग अकाउंट खोलने की सुविधा उपलब्ध है, वहां से किया जा सकता है। एनएससी पर अर्जित ब्याज प्रत्येक वर्ष की आय में शामिल किया जाता है।

6) चूंकि प्रथम पांच वर्ष का ब्याज मैच्योरिटी पर दिया जाता है इसलिए उसे संबंधित वर्ष में रिइन्वेस्टमेंट मानकर उसकी भी छूट धारा 80 सी के तहत मिल जाती है। एनएससी में हालांकि सरकारी गारंटी भी है। निवेश का यह माध्यम खास तौर पर उस व्यक्ति के लिए बेहतर है जो पांच फीसद टैक्स ब्रैकेट में आता है और जो सेक्शन 80C के तहत मिलने वाले 1.5 लाख रुपये के कुल लाभ का फायदा नहीं उठा पाता।

7) एनएससी को कर्ज लेने के लिए सुरक्षा के रूप में गिरवी रखा जा सकता है। 

Posted By: Nitesh

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