नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। निवेशकों के लिए एक बुरी खबर है। छोटी बचत योजनाओं जैसे कि एमआईएस, एनएससी और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) आदि पर मिलने वाली ब्याज दरों को सितंबर तिमाही के लिए अपरिवर्तित रखा गया है। ऐसे समय में जब जमा और उधार दोनों ब्याज दों में तेजी से इजाफा हो रहा है, सरकार की ओर से यह फैसला करना कि छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, निवेशकों को निराश करने वाला है।

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है, “सरकार के फैसले के आधार पर छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों का निर्धारण तिमाही आधार पर अप्रैल 2016 से किया जा रहा है। इसी अनुसार तमाम छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरें वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही जो कि 1 जुलाई 2018 से शुरू हुई है और 30 सितंबर 2018 को खत्म होगी तक के लिए अपरिवर्तित रखी गई हैं। ये दरें वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही को निर्धारित दरों के समान होंगी।”

एक लिहाज से इसे बुरी खबर माना जा सकता है क्योंकि लोग छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों में इजाफे की उम्मीद कर रहे थे। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि सरकार ने अधिकांश छोटी बचत योजनाओं के लिए दूसरी और तीसरी तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2017-18 की आखिरी तिमाही के लिए ब्याज दरें 0.2 फीसद तक घटा दी थीं। आम तौर पर माना जाता है कि सरकार छोटे बचतकर्ताओं के हितों की रक्षा करने का प्रयास करती है विशेष रूप से सेविंग फॉर द बेनिफिट ऑफ गर्ल चाइल्ड (एसएसएएस) और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) आदि पर।

कहां निवेश पर मिलेगा कितना ब्याज-

 

Posted By: Praveen Dwivedi