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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त वर्ष 2018-19 समाप्त होने के साथ होने वाला है और इस समय अधिकतर लोग चालू वित्त वर्ष के लिए अपने निवेश प्लान को पूरा करने और उन्हें चेक करने की जल्दी में होंगे। अधिकतर लोग अपने निवेश की समीक्षा कभी नहीं करते हैं, कम से कम एक साल में एक बार ये देखने के लिए कि क्या उन लक्ष्यों को प्राप्त किया जा रहा है, जिनके लिए निवेश किया गया है। निवेश का उद्देश्य कुछ भी हो सकता है जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा- सभी तरह के निवेश की मैच्योरिटी से पहले प्रति वर्ष निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा होनी चाहिए।

ये वो 5 कारण हैं कि क्यों आपको साल में कम से कम एक बार अपने निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए।

1) फायदा न देने वाले निवेश से बाहर निकलना: निवेश की समीक्षा करने से आपको ये पता चल जाता है कि आपने जहां-जहां पैसा निवेश किया है वो बढ़ रहा है या नहीं। इससे आपको ये पता चल सकता है कि कौन सा निवेश ठीक से काम नहीं कर रहा है और जरूरत पड़ने पर इसमें कुछ सुधार किया जा सके।

2) पैसे को बेकार न रहने दें: कई बार हम सेविंग अकाउंट में भविष्य के लिए अच्छे निवेश के मौके के इंतजार में पैसों को बेकार रखते हैं। पोर्टफोलियो पर नजर रखने से आपको उस पैसे के बारे में पता चल जाएगा जो कि बेकार पड़ा हुआ है, जिसको आप अच्छी जगह निवेश करके अधिक मुनाफा कमा सकें।

3) केवाईसी को अपडेट रखना: अगर आपके निवास के पते के प्रमाण या नॉमिनी में कोई बदलाव हुआ है तो आपको पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हुए ये पता चल जाएगा। आमतौर पर हम इन चीजों पर ध्यान नहीं देते जब तक कि किसी बड़ी परेशानी से हमारा सामना नहीं होता है।

4) वार्षिक आईटीआर में सभी निवेश दिखाना: अगर आप पोर्टफोलियो की नियमित रूप से समीक्षा करते हैं तो आप अपने वार्षिक आयकर रिटर्न में सभी निवेश को ठीक प्रकार से दिखा पाएंगे।

5) निवेश की गलतियों की पहचान: हम निवेश करते समय कई गलतियां कर जाते हैं जैसे कि छोटे निवेश करना और उनके फायदों को ठीक से न जानना। अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करके आप नियमित रूप से होने वाली ऐसी गलतियों को ठीक कर सकते हैं।

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Posted By: Sajan Chauhan

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