नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। पिछले कुछ हफ्तों में बाजार में जारी अस्थिरता के चलते सही जगह निवेश करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। निवेश उन लोगों के लिए भी कठिन है जिनके पास आय का केवल एक ही स्रोत है। ऐसे लोगों को खर्च बचत और निवेश के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। दरअसल, बाजार में इतने सारे निवेश विकल्प उपलब्ध हैं कि लोग इस भ्रम में रहते हैं कि किसमें निवेश किया जाए। अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं तो हम आपको निवेश के कुछ लोकप्रिय विकल्प बता रहे हैं।

म्युचुअल फंड में निवेश

म्युचुअल फंड्स निवेश करने का सबसे सरल तरीका माना जाता है। म्युचुअल फंड लगातार निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। सितंबर में खत्म हुई तिमाही में म्युचुअल फंड एसेट 14 फीसद बढ़कर 24 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं। इसकी बड़ी वजह खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ना है। इसमें अगर आप छोटी राशि से भी निवेश की शुरुआत करते हैं तब भी आपको किसी प्रोफेशनल फंड मैनेजर जितने फायदे मिलते हैं जो आपके पैसों का प्रबंधन करते हैं और इस बात का फैसला लेते हैं कि किस स्टॉक या बॉन्ड में निवेश करना चाहिए। म्युचुअल फंड से बेहतर रिटर्न पाने के लिए अपने म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो को विभिन्न एसेट क्लास में डायवर्सिफाई करें। इससे आपको लगातार रिटर्न मिलता रहता है।

हम अपने निवेश पर ब्रोकर या एजेंट को ब्रोकरेज अमाउंट दे देते हैं जबकि हमारे पास फंड्स को सीधे तौर पर खरीदने का विकल्प भी होता है। आप किसी भी स्कीम को उसकी विशिष्ट एएमसी वेबसाइट पर जाकर खरीद सकते हैं या फिर डायरेक्ट बायइंग के लिए एमएफ यूटिलिटी वेबसाइट के जरिए निवेश कर सकते हैं। इसमें निवेश के लिए एसआईपी या सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान का चुनाव करें।

पीपीएफ

लंबे समय तक निवेश के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) बेहतर विकल्प है। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल के लिए होता है। पीपीएफ में निवेश से ना सिर्फ टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं बल्कि यह एक सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। पीपीएफ में निवेश, ब्याज दर और मैच्योरिटी पर मिली रकम टैक्स फ्री होती है। पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए पहले ग्राहकों को बैंक या पोस्ट ऑफिस जाना होता था, लेकिन अब यह काम ऑनलाइन भी हो सकता है। पीपीएफ अकाउंट खोलते वक्त आपको खाते में कम से कम 500 रुपये जमा करने होंगे। पीपीएफ अकाउंट में आप एक साल में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं।

रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी)

नियमित सेविंग करना हो तो रेकरिंग डिपॉजिट बेहतर माना जाता है। आरडी पर ब्याज दर छह से 9 फीसद तक होती हैं। ये कस्टमर के प्लान और बैंक पर निर्भर करता है। इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि अधिकांश बैंकों की रेकरिंग डिपॉजिट में निवेश की न्यूनतम सीमा 100 रुपये से शुरू है। वहीं, अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये तक है। हालांकि ज्यादातर यह सीमा बैंकों पर निर्भर करती है। खाते में पांच से 10,000 हजार रुपए तक मेंटेन रखने होते हैं।

रियल एस्टेट

रियल एस्टेट भी एक आकर्षक निवेश विकल्प है। हालांकि, यह आपको तय करना होगा कि आपकी ओर से खरीदी जाने वाली संपत्तियां आदर्श स्थिति में है या नहीं। आप एक अपार्टमेंट को भी किराए पर देकर नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि एक बार आप कोई संपत्ति खरीदते हैं और उसे बाद ने बेचते हैं तो उससे अच्छी कमाई कर सकते हैं।

 

Posted By: Nitesh