सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Aadhaar कार्ड पर नाम अपडेट के बदले नियम, क्या-क्या डॉक्यूमेंट्स होंगे जरूरी? फटाफट जानें कैसे होगा काम

Published: Fri, 09 Oct 2026 04:12 PM (IST)

Aadhaar card new rules: UIDAI ने आधार कार्ड में नाम अपडेट करने के नियमों में बदलाव किया है, जिसमें स्पेलिंग ...और पढ़ें

Aadhaar कार्ड पर नाम अपडेट के बदले नियम

Aadhaar कार्ड पर नाम अपडेट के बदले नियम

HighLights

  1. नाम की स्पेलिंग सुधारने के लिए वैध पहचान प्रमाण दें।

  2. शादी/तलाक के बाद सरनेम बदलने को एफिडेविट, पहचान प्रमाण।

  3. पूरा नाम बदलने हेतु गजट नोटिफिकेशन, पहचान प्रमाण आवश्यक।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: आधार कार्ड पर नाम गलत दर्ज है, शादी के बाद सरनेम बदलना है या फिर नाम अपडेट करवाना चाहते हैं? तो इन सभी कामों के लिए एक ही तरह के दस्तावेज नहीं चलेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकारण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम अपडेट करने के नियमों को बदल दिया है। नए नियमों में नाम में छोटी-मोटी गलती सुधारने, शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने और पूरा नाम बदलने के लिए अलग-अलग दस्तावेज तय किए गए हैं।

UIDAI की नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) 18 सितंबर 2026 से लागू हो गई है। इसके तहत आधार में नाम बदलने के लिए दिए गए दस्तावेजों, एफिडेविट और गजट नोटिफिकेशन की जांच की जाएगी। यानी अब नाम अपडेट कराने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका मामला किस श्रेणी में आता है और उसके लिए कौन-से कागजात चाहिए।

1. नाम की स्पेलिंग गलत है तो क्या करना चाहिए?

अगर आधार कार्ड (Aadhaar card) में नाम की स्पेलिंग गलत है या नाम में मामूली सुधार कराना है, तो इसे छोटे बदलाव की श्रेणी में रखा जाएगा। उदाहरण के लिए, नाम में मिडिल नेम या सरनेम जोड़ना, हटाना, नाम के शुरुआती अक्षरों को पूरा लिखना या नाम के क्रम बदलाव करना। ऐसे मामलों में संबंधित नियमों के मुताबिक, वैध पहचान प्रमाण देना होगा। हालांकि अंग्रेजी के बड़े और छोटे अक्षरों में सुधार करने या नाम में लगे डॉट हटाने जैसे कुछ बदलावों के लिए दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी।

2. सरनेम बदलने के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?

शादी के बाद सरनेम बदलने या तलाक के बाद पुराने नाम पर लौटने के लिए अलग प्रक्रिया तय की गई है। ऐसे मामलों में आवेदक को Annexure D के तहत निर्धारित एफिडेविट और पहचान प्रमाण (Proof of Identity) देना होगा। एफिडेविट में यह स्पष्ट करना होगा कि नाम में बदलाव शादी या तलाक के कारण किया जा रहा है, न कि किसी दूसरी पहचान को अपनाने के लिए। रिपोर्ट के मुताबिक, रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट भी इस प्रक्रिया में स्वीकार्य दस्तावेज हो सकता है।

3. आधार बनाते समय ऑपरेटर ने नाम गलत दर्ज कर दिया तो?

कई बार व्यक्ति आधार बनवाते समय सही दस्तावेज देता है, लेकिन डेटा दर्ज करने में गलती होने के कारण कार्ड पर नाम गलत छप जाता है। ऐसी स्थिति को सामान्य नाम बदलाव के बजाय डेटा-एंट्री की गलती माना जाएगा। नए नियमों के अनुसार, वयस्कों को Annexure B के तहत एफिडेविट देना होगा। इसके साथ पहचान प्रमाण (PoI) या संबंध प्रमाण (PoR) भी देना पड़ सकता है।

4. अंग्रेजी में नाम सही, लेकिन हिंदी में गलत है तो?

अगर आधार कार्ड पर अंग्रेजी में नाम सही दर्ज है, लेकिन हिंदी या किसी दूसरी क्षेत्रीय भाषा में नाम गलत लिखा गया है, तो इसके लिए भी अलग प्रावधान है। ऐसे मामलों में निर्धारित एफिडेविट और पहचान प्रमाण के आधार पर सुधार का अनुरोध किया जा सकता है। यानी अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा में दर्ज नामों के बीच अंतर होने पर भी उसे ठीक कराने की प्रक्रिया मौजूद है।

5. पूरा नाम बदलना है तो गजट नोटिफिकेशन जरूरी

अगर कोई व्यक्ति केवल स्पेलिंग या सरनेम में सुधार नहीं, बल्कि अपना पूरा नाम बदलना चाहता है और इससे उसकी पहचान में बड़ा बदलाव होता है, तो इसे मेजर नेम चेंज माना जाएगा। ऐसे मामलों में केंद्र या राज्य सरकार की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन देना जरूरी होगा। इसके साथ संबंधित पहचान प्रमाण भी मांगा जा सकता है।

 यह भी पढ़ें: EPFO New rule: PF निकालने से पहले जान लें नया नियम, अब 15G-15H नहीं, इस फॉर्म से बचेगा TDS; किसके लिए होगा जरूरी?