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PPF में पैसा लगाने का सही समय: जानें 7.1% ब्याज और टैक्स सेविंग के फायदे

By Jagran BusinessEdited By: Ashish Kushwaha
Published: Sat, 03 Oct 2026 07:12 PM (IST)

यह लेख पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) को एक सुरक्षित और स्थायी रिटर्न वाला निवेश विकल्प बताता है, जिस पर सरकार ...और पढ़ें

पीपीएफ खाते की मेच्योर अवधि 15 वर्ष है।

पीपीएफ खाते की मेच्योर अवधि 15 वर्ष है।

HighLights

  1. पीपीएफ पर सरकार की सॉवरेन गारंटी, निवेश सुरक्षित।

  2. वर्तमान में 7.1% ब्याज दर, कर लाभ भी उपलब्ध।

  3. न्यूनतम 500 रुपये से निवेश, 15 वर्ष में परिपक्वता।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। नौकरीपेशा या मध्यमवर्गीय परिवार ऐसी जगहों पर निवेश करना चाहते हैं जहां पर उनका पैसा भी सुरक्षित रहे और उनके निवेश पर स्थायी रिटर्न भी मिलता रहे। ऐसे निवेशकों के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) एक बेहतर विकल्प है और इसमें बिना चिंता निवेश किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि पीपीएफ को सरकार की सावरेन गारंटी मिली हुई है। इसका मतलब है कि यदि पीपीएफ निवेश को लेकर कोई गड़बड़ होती है तो सरकार निवेशकों को ब्याज समेत पूरा पैसा देगी। पीपीएफ में निवेश से जुड़ी पूरी प्रक्रिया और योग्यता बता रहे हैं दैनिक जागरण के उप समाचार संपादक मनोज कुमार।

क्या है पब्लिक प्रोविडेंट फंड

वित्त मंत्रालय ने नेशनल सेविंग्स इंस्टीट्यूट ने पीपीएफ की शुरुआत की थी। पीपीएफ देश में उपलब्ध सबसे अच्छे और सुरक्षित लंबी अवधि के निवेश विकल्पों में से एक है। कोई भी भारतीय निवासी (नाबालिगों समेत) पीपीएफ खाता खोल सकता है। इसे इसे लोगों को थोड़ी-थोड़ी रकम बचाने और निवेश करने में मदद करने के लिए शुरू किया गया था। पीपीएफ निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर तरीके से अपनी संपत्ति बढ़ाने में मदद करता है। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो एक ऐसा सुरक्षित निवेश विकल्प चाहते हैं जिसमें पक्का रिटर्न और टैक्स की बचत दोनों मिलें।

न्यूनतम निवेश

पीपीएफ में 500 रुपये प्रति वर्ष जितनी छोटी राशि से निवेश किया जा सकता है। इसमें एक वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। इस खाते की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कंपाउंड यानी चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इसका मतलब है कि इस खाते में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है जिससे जमाकर्ताओं को एक बड़ा फंड इकट्ठा करने में मदद मिलती है। पीपीएफ में निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर निवेश कर सकते हैं।

15 वर्ष में मेच्योर होता है खाता

पीपीएफ खाते की मेच्योर अवधि 15 वर्ष है। यानी इस खाते को 15 वर्ष से पहले बंद नहीं किया जा सकता है। हालांकि, खाताधारक की मौत या कुछ विशेष परिस्थितियों में खाते को समय से पहले बंद किया जा सकता है। मेच्योरिटी के बाद पीपीएफ खाते को और पैसा जमा करने के लिए पांच-पांच वर्ष के लिए कितनी बार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, बिना पैसा जमा किए मौजूदा ब्याज दर पर भी पीपीएफ खाते को अनिश्चितकाल के लिए चालू रखा जा सकता है।

लोन भी ले सकते हैं खाता

धारकपीपीएफ खाते में जमा राशि पर खाताधारकों को लोन लेने की सुविधा भी मिलती है। हालांकि, यह सुविधा खाता खोलने के बाद तीसरे से छठे वित्त वर्ष तक ही उपलब्ध होती है। खाता खोलने वाले वित्त वर्ष को छोड़कर पांच वित्त वर्ष पूरे होने के बाद खाताधारक अपने पीपीएफ खाते से आंशिक निकासी कर सकते हैं। पीपीएफ खाता किसी भी अधिसूचित बैंक और डाकघर में खोला जा सकता है।

ज्यादा ब्याज और कर लाभ

पीपीएफ खाते पर सामान्य तौर पर बैंक की स्थायी जमा (फिक्स्ड डिपाजिट) से ज्यादा ब्याज मिलता है। पीपीएफ खाते पर ब्याज की दर हर तिमाही पर वित्त मंत्रालय की ओर से तय किया जाता है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और 7.1 प्रतिशत पर बरकार रखा गया है। पीपीएफ में जमा राशि आयकर अधिनियम की धारा-80 सी के तहत कर कटौती के योग्य है। आयकर अधिनियम की धारा-10 के तहत पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज भी कर मुक्त है।

नाबालिगों के लिए नियम

पीपीएफ खाता खोलने के लिए नाबालिग का भारतीय होना जरूरी - नाबालिग के 18 वर्ष की उम्र पूरी करने तक अभिभावक ही उसके खाते का संचालन करेंगे- नाबालिग की तरफ से उसके अभिभावक पीपीएफ खाते में निवेश कर सकेंगे- पीपीएफ खाता खोलते समय नामिनी का पंजीकरण कराना जरूरी होगा