PM Awas Yojana 2.0 पर बड़ी खबर, घर बनाने के लिए सरकार देगी ₹3 लाख तक की सब्सिडी! कैसे मिलेगा योजना का लाभ
PM Awas Yojana 2.O: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना 2.O (PMAY-U 2.O) शहरी गरीबों और मध्यवर्गीय परिवारों को घर ...और पढ़ें

PM Awas Yojana 2.0 पर बड़ी खबर (AI photo)
HighLights
शहरी गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को घर बनाने में मदद।
₹10 लाख करोड़ का निवेश, 1 करोड़ परिवारों को लाभ।
महिला मुखिया के नाम पर घर, कमजोर वर्गों को प्राथमिकता।
बिजनेस डेस्क,नई दिल्ली: अगर आप शहर में रहते हैं और अपना पक्का घर न होने के कारण सालों से किराये के मकान में जीवन गुजार रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खुशखबरी है। केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित प्रधानमंत्री आवास योजना 2.O (PMAY-U 2.O) अब पूरे जोरों-शोरों से लागू की जा रही है। इस योजना के तहत सरकार पात्र शहरी गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को घर बनाने, नया घर खरीदने या किराये पर लेने की भारी आर्थिक मदद प्रदान कर रही है।
₹10 लाख करोड़ का महा-प्लान
शहरी इलाकों में 'सभी के लिए आवास' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने PM Awas Yojana 2.0 के तहक ₹10 लाख करोड़ के भारी-भरकम निवेश का प्रावधान किया है। इस महा-योजना के तहत देश के लगभग 1 करोड़ शहरी परिवारों को पक्के मकान का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इस कुल निवेश में से केंद्र सरकार अपनी तरफ से ₹2.30 लाख करोड़ की सीधी आर्थिक मदद मुहैया कराएगी।
किसे मिलेगी कैसे मदद?
इस योजना को 4 मेन हिस्सों में लागू किया जा रहा है, ताकि हर व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से फायदा उठा सके।
1. जिन परिवारों के पास अपनी खुद की जमीन है, लेकिन घर बनाने के पैसे नहीं है, उन्हें सरकार नया पक्का घर बनाने के लिए ₹1.5 लाख तक की वित्तीय सहायता देगी।
2. जिनके पास जमीन नहीं है, उनके लिए सरकार प्राइवेट या पब्लिक एजेंसियों के साथ मिलकर किफायती घर बनवाएगी। इसमें भी प्रति EWS पर 1.5 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाती है।
3. शहरों में काम करने वाले प्रवासियों, औद्योगिक मजदूरों, कामकाजी महिलाओं और शहरी गरीब के लिए बेहद सस्ते किराये वाले मकानों का निर्माण करेगी।
4. इसके तहत ₹8 लाख तक के लोन पर 4% की सालाना ब्याज सब्सिडी मिलती है, जिससे लाभार्थी को अधिकतम ₹1.80 लाख तक का फायदा होता है।
कौन उठा सकता है इसका फायदा
इस योजना का लाभ वे परिवार उठा सकते हैं जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक है। इसके साथ ही जिन परिवारों की सालाना आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच है। जिन परिवारों की सालाना आय 6 लाख से 9 लाख रुपये तक है।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे अहम नियम यह है कि आवेदक या उसके परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) के किसी भी सदस्य के नाम पर पूरे भारत में कहीं भी कोई 'पक्का मकान' नहीं होना चाहिए।
महिलाओं को बनाया जा रहा है मकान मालकिन
PMAY 2.0 का एक और शानदार पहलू महिला सशक्तिकरण है। सरकार के नियमों के मुताबकि, महिलाओं के प्रॉपर्टी राइट्स को मजबूत करने के लिए आवंटित किए जाने वाले घर परिवार की महिला मुखिया के नाम पर होने चाहिए, या फिर पुरूष सदस्य के साथ जॉइंट नाम (सह-स्वामित्व) पर होने चाहिए। इसके अलावा, विधवाओं, सिंगल महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, SC/ST और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को घर आवंटन में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
