EPFO FAQ: कंपनी बंद होने पर क्या डूब जाता है PF? जानिए पैसे निकालने और बकाया वसूलने का पूरा नियम
EPFO New Update: कंपनी बंद होने पर भी आपका पीएफ (PF) का पैसा नहीं डूबता है। यदि कंपनी ने पीएफ ...और पढ़ें

EPFO FAQ: कंपनी बंद होने पर क्या डूब जाता है PF? जानिए पैसे निकालने और बकाया वसूलने का पूरा नियम
HighLights
PF का पैसा कंपनी बंद होने पर भी सुरक्षित रहता है।
EPFO पोर्टल पर बकाया पीएफ के लिए शिकायत दर्ज करें।
EPFO कंपनी की संपत्ति बेचकर बकाया पीएफ वसूल सकता है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपकी कंपनी अचानक डूब जाए या बंद हो जाए, तो आप क्या करेंगे? आपकी सैलरी का क्या होगा, सालों से कंपनी के द्वारा जमा हो रहे पीएफ (Provident Fund) का क्या होगा? ऐसे कई सारे सवाल अक्सर आपके मन में भी जरूर आते होंगे। तो चलिए आज आपको बताते हैं कि अगर आपकी कंपनी डूब जाए तो फिर इस हालत में पीएफ का क्या होगा।
क्या डूब जाएगा PF का पैसा?
इसका सीधा जवाब है नहीं! अगर कंपनी डूब जाती है तो किसी भी हालत में आपके पीएफ का पैसा नहीं डूबेगा। वहीं अगर कंपनी ने पैसा काटकर आपके पीएफ अकाउंट (PF Account) में भी जमा नहीं किया है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। आप खुद इस बात की शिकायत EPFO से कर सकते हैं।
सबसे पहले क्या करें?
कंपनी के डूबने की हालत में सबसे पहले अपनी पासबुक चेक करें। इससे पता चलेगा कि कंपनी ने कब-कब पैसा जमा किया है और किस महीने में नहीं किया है। वहीं अपनी सैलरी स्लिप (Salary Slip), बैंक स्टेटमेंट, अप्वाइंटमेंट लेटर और कंपनी से जुड़े तमाम कागजात संभालकर रखें। अगर सैलरी से पीएफ कटा है, तो सैलरी स्लिप इसका सबसे पक्का सबूत है।
EPFO में शिकायत कैसे दर्ज करें?
अगर कंपनी बंद हो गई है या मालिक फोन नहीं उठा रहा है, तो आप सीधे EPFiGMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करते वक्त अपना UAN, कंपनी की डिटेल और जिन महीनों का पैसा नहीं आया है, उसकी पूरी जानकारी दें। शिकायत करते समय सारे जरूर दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें। जैसे ही आप शिकायत दर्ज करेंगे तो आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
मालिक भाग गया तो क्या होगा?
EPFO के पास ऐसे मामलों से निपटने के सख्त नियम हैं। अगर किसी केस में मालिक या कंपनी का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति गायब है तब भी आपके हक का पैसा डूबेगा नहीं। EPFO बंद हो चुकी कंपनियों की संपत्तियों को कुर्क करके या बेचकर कर्मचारियों का बकाया पीएफ वसूल सकता है। इसके अलावा, रिकवरी के दौरान कंपनी पर ब्याज और जुर्माना भी लगाया जाता है।
