FD मैच्योरिटी से पहले तोड़ दी, अब क्या होगा; कितना भरना पड़ेगा नुकसान? समझिए ब्याज और पेनल्टी का पूरा गणित
FD Premature Closure: FD को समय से पहले तोड़ने पर ब्याज दर कम हो सकती है और बैंक पेनल्टी भी लगा सकता है, जिससे वित्तीय नुकसान होता है।
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FD तोड़ने पर कितना भरना पड़ेगा नुकसान? (AI Photo)
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: जब भी एक सुरक्षित निवेश की बात आती है तो FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे पहले सामने आता है। सबसे अच्छी बात यह है कि पैसा बैंक में जमा किया और तय समय तक ब्याज मिलता रहता है। लेकिन कभी ऐसा होता है कि अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए तो ऐसे में FD को समयसीमा से पहले तोड़ना पड़ सकता है। अब यहां सवाल यह आता है कि FD मैच्योर होने से पहले यानी बीच में तोड़ने (FD Break Penalty) पर कितना नुकसान होता है? इसका जवाब है कि आपको मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है। इसके अलावा बैंक प्रीमैच्योर क्लोजर पर पेनल्टी भी लगा सकता है। आइए इसे डिटेल में समझते हैं।
FD मैच्योरिटी से पहले तोड़ी तो क्या होगा?
उदाहरण के तौर पर मान लीजिए आपने 2 साल के लिए Fixed Deposite कराई। बैंक ने इस पर 7% सालाना ब्याज दिया। लेकिन 10 महीने बाद ही आपको पैसों की जरूरत पड़ गई। ऐसे में ये जरूरी नहीं है कि बैंक आपको पूरे 2 साल वाली 7% दर दे। बैंक उस अवधि की ब्याज दर देख सकता है, जितने समय तक आपकी FD चली है।
मान लीजिए 10 महीने की FD पर उस समय बैंक की दर 6% थी। बैंक ने समय से पहले FD तोड़ने पर 1% पेनल्टी भी लगाती है। ऐसे में आपका प्रभावी ब्याज करीब 5% रह जाएगा।
अब ₹5 लाख की FD से समझिए कितना होगा नुकसान?
अब इस बात को समझने के लिए मानते हैं कि आपने ₹5 लाख की FD 2 साल के लिए 7% ब्याज पर कराई। अगर FD पूरी अवधि तक चलती है, तो 2 साल बाद रकम करीब ₹5.72 लाख हो सकती है।
लेकिन वहीं अगर 10 महीने बाद आपको पैसे की जरूरत पड़ गई और आपने FD तोड़ दी। तो इस स्थिति में बैंक 10 महीने की लागू दर 6% मानता है और 1% पेनल्टी काटता है। यानी प्रभावी ब्याज करीब 5% रह जाता है। 10 महीने में ₹5 लाख पर 5% की दर से ब्याज करीब ₹20,833 होगा। यानी आपको करीब ₹5.21 लाख हाथ में मिलेंगे।
यानी आपको ₹51000 का नुकसान हो सकता है। बता दें कि इस उदाहरण में टैक्स को नहीं जोड़ा गया है अगर टैक्स जोड़ेंगे तो यह रकम और कम हो जाएगी।
FD तोड़ने से पहले जानें ये जरूरी बात
बता दें कि अगर आपको कुछ समय के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है, तो पूरी FD तोड़ना एक सही विकल्प साबित नहीं होता हैष ऐसे में आप बैंक से पूछ सकते हैं कि FD के बदले लोन या ओवरड्राफ्ट मिल सकता है या नहीं।
