FASTag New Rule: अब मोबाइल नंबर की तरह पोर्ट होगा आपका FASTag, बैंक बदलने का इंझट खत्म
सरकार जल्द ही FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू करेगी, जिससे उपयोगकर्ता बिना नया टैग बदले बैंक बदल सकेंगे।

बैंक बदलने का इंझट खत्म (ai photo)
HighLights
FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा जल्द होगी शुरू।
'One Tag' से बिना नया टैग बदले बैंक बदलें।
'राजमार्ग यात्रा ऐप' से बैंक बदलने की सुविधा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: भारत में टोल व्यवस्था अब 'रुककर भुगतान' करने वाले सिस्टम से आगे बढ़कर फ्री-फ्लो मोबिलिटी (Free Flow mobility) की तरफ तेजी से बढ़ रही है। अगर आप भी अपने FASTag जारी करने वाले बैंक की सर्विस से परेशान हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। रिपोर्ट्स की माने तो सरकार जल्द ही मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर FASTag पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू करने जा रही है।
क्या है नई सुविधा?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने "ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026" (global fintech fest 2026) में नई 'One Tag' सुविधा की घोषणा की है। इस सुविधा के तहत अगर आप अपना बैंक बदलना चाहते हैं, तो आपको अपनी गाड़ी के शीशे से पुराना FASTag हटाकर नया टैग खरीदने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। आपका टैग वही रहेगा, बस आपका बैंक (issuer bank) बदल जाएगा।
कैसे पोर्ट होगा आपका FASTag?
बैंक बदलने की प्रक्रिया डिजिटल और बेहद आसान है। FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने की यह सुविधा 'Rajmarg Yatra App' के जरिए मिलेगी। यूजर्स इस ऐप का इस्तेमाल करके आसानी से अपने पसंद का फास्टैग सर्विस प्रोवाइडर बैंक चुन सकते हैं
13 करोड़ यूजर्स को मिलेगा फायदा
भारत में डिजिटल टोल कनेक्शन का दायरा काफी बड़ा हो चुका है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल हाईवे पर करीब 98% टोल कलेक्शन डिजिटल तरीके से (FASTag के जरिए) ही हो रहा है। देश में अब तक करीब 13 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं। इतने बड़े यूजर बेस की परेशानी को दूर करने के लिए ही सरकार यह सुविधा लेकर आई है।
क्या नए FASTag स्टिकर की होगी जरूरत?
बता दें कि वनटैग सिस्टम का सबसे बड़ा बदलाव यही है कि अब तक, अगर कोई ग्राहक अपना फास्टैग जारी करने वाले बैंक को बदलना चाहता था, तो उसे पुराना फास्टैग अकाउंट बंद करना पड़ता था। नए बैंक के साथ नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराना होता था और गाड़ी पर नया फिजिकल स्टीकर चिपकाना पड़ता था। वनटैग इस पूरी झंझट को खत्म करता है। अब आप एक ही टैग आईडी और गाड़ी नंबर पर रहते हुए पुराने फास्टैग को दूसरे बैंकों में ट्रांसफर कर सकते हैं।
AI और बैरियर-फ्री (Barrier-Free) टोलिंग की तैयारी
सरकार का विजन सिर्फ FASTag पोर्ट करने तक सीमित नहीं है। भविष्य में टोल प्लाजा पर लगने वाली लाइनों को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है। AI तकनीक और बैरियर-फ्री टोलिंग के जरिए ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है जहां गाड़ियों को टोल पर रुकने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। गाड़ियां बिना रुके आगे बढ़ेंगी और टोल का भुगतान ऑटोमैटिक तरीके से हो जाएगा। हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव की तारीख सामने नहीं आई है लेकिन यह बदलाव होते ही लाखों लोगों को फायदा होगा।
