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EPF Calculation: 10 साल की नौकरी पर कितनी मिलेगी पेंशन? नियमों के साथ कैलकुलेशन पर डालिए एक नजर

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:43 PM (IST)

यह लेख EPS-95 पेंशन योजना के नियमों, पात्रता और गणना प्रक्रिया को विस्तार से समझाता है। जानें कैसे 10 साल ...और पढ़ें

EPS कैलकुलेशन

EPS कैलकुलेशन

HighLights

  1. न्यूनतम 10 साल की नौकरी EPS-95 पेंशन के लिए अनिवार्य।

  2. मासिक पेंशन की गणना (पेंशन योग्य वेतन x सर्विस) / 70 से।

  3. 58 साल की उम्र में पूर्ण पेंशन, 50-57 में कटौती के साथ।

बिजनेस डेस्क,नई दिल्ली: हर नौकरीपेशा (Salaried) व्यक्ति की सैलरी का एक हिस्सा हर महीने कटकर प्रोविडेंट फंड (EPF) में जमा होता है। रिटायरमेंट के वक्त एकमुश्त बड़ा फंड तो मिलता ही है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी पीएफ खाते से आपको बुढ़ापे में हर महीने एक फिक्स 'पेंशन' भी मिलती है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की एम्प्लॉई पेंशन स्कीम-1995 (EPS-95) के तहत आपको उम्र भर पेंशन का लाभ दिया जाता है। इसके लिए सिर्फ 10 साल की नौकरी का नियम है। आइए विस्तार से समझते हैं कि EPS-95 के नियम क्या हैं, इसका लाभ कैसे मिलता है और आपकी पेंशन का कैलकुलेशन कैसे होता है।

EPS-95 पेंशन योजना क्या है और पैसा कहां से आता है?

नियम के मुताबिक, आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12% हिस्सा EPF खाते में जाता है। आपकी कंपनी (Employer) भी इतना ही (12%) पैसा मिलाती है। लेकिन कंपनी के 12% हिस्से में से 8.33% हिस्सा आपके पेंशन फंड (EPS) में चला जाता है और बचा हुआ 3.67% EPF में जाता है।

नोट: सरकार ने पेंशन के लिए अधिकतम बेसिक सैलरी की सीमा ₹15,000 तय की हुई है। यानी कंपनी की तरफ से हर महीने अधिकतम ₹1,250 (15,000 का 8.33%) ही पेंशन फंड में जमा हो सकता है।

पेंशन पाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें? (Eligibility)

  1. 10 साल की सर्विस: पेंशन का हकदार बनने के लिए आपकी नौकरी के कुल साल (Service Period) कम से कम 10 वर्ष होने चाहिए। यह 10 साल एक ही कंपनी में होना जरूरी नहीं है, आप अलग-अलग कंपनियों में काम करके भी इसे पूरा कर सकते हैं (शर्त है कि UAN नंबर एक ही होना चाहिए)।

  • 58 साल की उम्र (फुल पेंशन): 58 साल की उम्र पूरी होने पर आपको पूरी (Full) पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है।

  • अर्ली पेंशन (Early Pension): अगर आप 50 से 57 साल की उम्र के बीच पेंशन शुरू करवाना चाहते हैं, तो यह सुविधा भी है। लेकिन इसमें 58 साल से जितने साल पहले आप पेंशन लेंगे, हर साल के लिए आपकी पेंशन राशि में 4% की कटौती की जाएगी।

  • बोनस (Bonus): अगर आप 20 साल से ज्यादा की सर्विस पूरी करते हैं, तो आपकी 'पेंशन योग्य सर्विस' में 2 साल का बोनस (Bonus Years) जोड़ दिया जाता है।

  • आपकी पेंशन का पूरा गणित

    EPS-95 के तहत पेंशन की गणना करने का एक तय और सीधा फॉर्मूला है:
    मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन x पेंशन योग्य सर्विस) / 70

    यह रिटायरमेंट से ठीक पहले के 60 महीनों (5 साल) की बेसिक सैलरी का औसत होता है। (चूंकि नियम के तहत अधिकतम लिमिट ₹15,000 है, इसलिए इसे अधिकतम 15,000 ही माना जाएगा)। आपने कुल कितने साल काम किया है। (अधिकतम सीमा 35 वर्ष तय की गई है)।

    कैलकुलेशन

    मान लीजिए, किसी कर्मचारी ने 30 साल तक काम किया है और उसके आखिरी 60 महीनों की औसत बेसिक सैलरी ₹15,000 है।

    • औसत मासिक वेतन (Average Salary): ₹15,000
    • वास्तविक सर्विस के साल: 30 वर्ष
    • 20 साल से ज्यादा नौकरी का बोनस: + 2 वर्ष
    • कुल पेंशन योग्य सर्विस (Total Service): 32 वर्ष
    • पेंशन का फॉर्मूला: (15,000 x 32) / 70
    • रिटायरमेंट पर मासिक पेंशन (Monthly Pension): ₹6,857 / महीना
    • अगर कर्मचारी 35 साल (बोनस मिलाकर) की अधिकतम सर्विस पूरी करता है, तो अधिकतम पेंशन (15,000 x 35)/70 = ₹7,500 प्रति माह बन सकती है।

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