Gold Price: सोने में 39% का उछाल, PM मोदी की अपील से इस दीवाली फीकी पड़ेगी सोने की चमक, बदल रही ग्राहकों की चाल!
Gold Buying: पीएम मोदी की अपील और सोने की कीमतों में 39% की वृद्धि से इस त्योहारी सीजन में सोने की खरीदारी प्रभावित होगी।

धनतेरस-दीवाली पर कैसे बदल सकती है ग्राहकों की चाल? (ai photo)
HighLights
सोने-चांदी की खरीदारी में आएगी कमी
पीएम मोदी की अपील के बाद ग्राहक नहीं खरीद रहे सोना
पिछले साल से अब तक 39% उछला सोना
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: भारत में इस साल के त्योहारी सीजन (festive season) में सोने (Gold) की खरीदारी को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 1 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही पीली धातु यानी सोना खरीदें। उनकी इस अपील और आसमान छूती कीमतों का सीधा असर इस बार की त्योहारी और शादी के सीजन की खरीदारी पर देखने को मिलेगा।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने बताया कि पीएम मोदी एक 'बड़े इन्फ्लुएंसर' हैं और उनकी ताजा अपील का ग्राहकों के सेंटीमेंट पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। मेहता का अनुमान है कि इस अपील के बाद त्योहारी सीजन में सोने की बिक्री में 10 से 12% की गिरावट आ सकती है। आपको बता दें कि इससे पहले मई में भी पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध और विदेशी मुद्रा खर्च का हवाला देते हुए भारतीय को सोना कम खरीदने की सलाह दी थी।
क्या है इस पूरी कहानी का ट्विस्ट?
भले ही लोग इस बार कम सोना खरीदें (Gold Buying), लेकिन उनकी जेब से पैसा कम खर्च नहीं होने वाला है, और यही इस बार का सबसे बड़ा ट्विस्ट है। इसकी मुख्य वजह है सोने की कीमतों (Gold Price) में आया बेतहाशा उछाल। पिछले साल सितंबर में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹11,100 प्रति ग्राम थी, जो इस साल लगभग 39% उछलकर ₹15,500 प्रति ग्राम के करीब पहुंच गई है।
क्रिसिल रेटिंग्स के डायरेक्टर हिमांक शर्मा के अनुसार, आसमान छूती कीमतों और कस्टम ड्यूटी के कारण ग्राहकों का बजट काफी स्ट्रेच हो गया है। अपने बजट को कंट्रोल में रखने के लिए ग्राहक अब अपनी खरीदारी की रणनीति बदल रहे हैं। जैसै ग्राहक कम कैरेटे वाले सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। इसके साथ ही पुराने सोने को बदल कर नए सोने में तब्दील कर रहे हैं।
छोटे ज्वेलर्स को लगेगा झटका
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों के दबाव के चलते संगठित गोल्ड रिटेलर्स की सेल्स वॉल्यूम (बिक्री की मात्रा) में वित्त वर्ष 2027 (FY27) में 13% से 15% की गिरावट आ सकती है (जो पिछले साल 8% थी)।
हालांकि, इस कठिन बाजार में भी बड़े और संगठित रिटलर्स असंगठित खिलाड़ियों को पीछे छोड़ देंगे। ब्रांड ट्रस्ट, पारदर्शी हॉलमार्किंग और छोटे शहरों में तेजी से विस्तार के कारण संगठित रिटेलर्स का मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2028 तक 50% कर पहुंचने का अनुमान है।
अब सबकी निगाहें अक्टूबर और नवंबर में आने वाले नवरात्रि (Navratri), धनतेरस (Dhanteras) और शादियों के सीजन पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि पीएम मोदी की अपील जमीनी स्तर पर खरीदारी को कितना रोक पाती है।
