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EPFO का डबल तोहफा! कंपनी नहीं काट सकेगी सैलरी, PF लिमिट ₹25000 होने से 51 लाख कर्मचारियों की मौज

Published: Wed, 16 Sep 2026 07:52 PM (IST)

EPFO FAQs: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ से जुड़े सवालों के जवाब दिए हैं और वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया है।

EPFO का डबल तोहफा!

EPFO का डबल तोहफा!

HighLights

  1. कंपनी पीएफ योगदान के लिए कर्मचारी की सैलरी नहीं काट सकती।

  2. कर्मचारी अपनी मर्जी से 12% से ज्यादा पीएफ कटवा सकते हैं।

  3. EPFO कवरेज के लिए वेतन सीमा ₹15,000 से ₹25,000 हुई।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: हर नौकरीपेशा (Salaried) व्यक्ति के मन में अपने प्रोविडेंट फंड (EPF) को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। खासकर सैलरी कटने और पीएफ (PF) में ज्यादा पैसा जमा करने को लेकर काफी भ्रम रहता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने FAQs के जरिए कर्मचारियों के दो सबसे बड़े सवालों के जवाब दिए हैं। आइए जानते हैं क्या है पीएफ से जुड़े नियम?

1. क्या PF में कंपनी का हिस्सा जमा करने के नाम पर बॉस (Employer) आपकी सैलरी घटा सकता है?

अक्सर कई लोगों को यह डर रहता है कि कंपनी को अपनी तरफ से भी पीएफ में 12% हिस्सा जमा करना पड़ता है, तो क्या इस खर्चे की भरपाई के लिए कंपनी कर्मचारी की बेसिक सैलरी या वेज (Wages) में कटौती कर सकती है? EPFO ने इसका साफ और दो टूक जवाब दिया है "नहीं।" ईपीएफ (EPF) और एमपी एक्ट, 1952 की धारा-12 (Section-12) के तहत एम्प्लॉयर को ऐसा करने से सख्त तौर पर रोका गया है। कोई भी कंपनी पीएफ योगदान का हवाला देकर आपकी तय सैलरी को कम नहीं कर सकती है।

2. क्या कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से 12% से ज्यादा PF कटवा सकता है?

EPFO के नियम कहते हैं हां। अगर कोई कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लिए ज्यादा पैसा जोड़ना चाहता है, तो वह 12% की वैधानिक दर से ज्यादा का योगदान दे सकता है (इसे Voluntary Provident Fund या VPF कहा जाता है)। हालांकि, इसमें एक पेंच है। अगर आप अपना हिस्सा बढ़ाते हैं, तो भी कंपनी (Employer) अपना हिस्सा वैधानिक दर तक ही सीमित रख सकती है (यानी कंपनी के लिए 12% से ज्यादा देना जरूरी नहीं है)।
इसके अलावा, स्कीम के पैरा-26(6) के प्रावधानों के तहत APFC/RPFC से अनुमति लेने के बाद, कर्मचारी अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी (अगर वह तय लिमिट से ज्यादा है) पर भी पीएफ कटवा सकता है।

अब ₹15,000 नहीं, ₹25,000 हुई वेतन सीमा!

एक तरफ जहां ऊपर दिए गए नियम कर्मचारियों के हकों की रक्षा करते हैं, वहीं आज केंद्र सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को एक और बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए 'वेतन सीमा' (Wage Limit) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।

सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का सीधा असर देश के निचले और मध्यम आय वर्ग के कर्मचारियों पर पड़ेगा। वेतन सीमा ₹25,000 होने से अब देश के 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य रूप से EPFO कवरेज के दायरे में आ जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इन लाखों नए कर्मचारियों को अब सीधे तौर पर रिटायरमेंट के लिए प्रोविडेंट फंड (PF), बुढ़ापे के लिए पेंशन (EPS) और मुफ्त जीवन बीमा (EDLI) जैसी शानदार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा।

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