बिना किसी भागदौड़ के हर महीने आएंगे ₹60000, खाली प्रॉपर्टी पर कैसे लगवाएं ATM; 5 प्वाइंट में समझें पूरा प्रोसेस
खाली कमर्शियल जगह या जमीन से एटीएम लगवाकर हर महीने मोटी कमाई कैसे करें, इसकी पूरी जानकारी। बैंक और एटीएम ...और पढ़ें

बिना किसी भागदौड़ के हर महीने आएंगे ₹60000, खाली प्रॉपर्टी पर कैसे लगवाएं ATM; 5 प्वाइंट में समझें पूरा प्रोसेस
HighLights
एटीएम के लिए 60-100 वर्गफुट की जगह चाहिए।
बैंक या ऑपरेटर कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं।
किराया लोकेशन के अनुसार ₹8,000 से ₹60,000 तक।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके पास भी कोई दुकान, खाली कमर्शियल स्पेस या अच्छी लोकेशन पर कोई जमीन खाली पड़ी है? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है। आपके पास खाली पड़ी थोड़ी सी जगह भी आपकी तगड़ी कमाई करवा सकती है। बहुत से लोग ये नहीं जानते कि बैंक और एटीएम ऑपरेटर (ATM Franchise) अपनी मशीनें लगाने के लिए लोगों की प्रॉपर्टी किराए पर लेते हैं और इसके बदले हर महीने मोटा रेंट देते हैं।
सबसे अच्छी बात ये है कि न तो आपको डेली दुकान खोलना है न बंद करना है, और किराया हर महीने आपके अकाउंट में आता जाएगा। अगर आपके पास भी ऐसी कोई जगह है जहां आराम से एटीएम खुल सकता है, तो आइए आपको 5 प्वाइंट में बताते हैं कि इसका पूरा प्रोसेस क्या होगा।
1. एटीएम के लिए कैसी जगह चाहिए?
हर जगह पर एटीएम नहीं लगाया जा सकता। बैंक और कंपनियां ऐसी लोकेशन तलाशती हैं जहां लोग आसानी से पहुंच सकें। जैसे मन मार्केट, कोई बड़ी सोसायटी, मेन रोड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल, कॉलेज या ऑफिस के बाहर। वहीं बैंक उन जगहों को भी टारगेट करते हैं जहां एटीएम या बैंक की संख्या कम हो, जैसे कि छोटे गांव, कस्बे।
साइज के बात करें तो आमतौर पर एटीएम लगाने के लिए आमतौर पर 60 से 100 वर्गफुट की जगह चाहिए होती है। वहीं प्रॉपर्टी ग्राउंड फ्लोर पर होनी चाहिए और वहां 24 घंटे आना-जाना मुमकिन हो। इसके साथ ही बिजली, इंटरनेट, सुरक्षा और सीसीटीवी के लिए सही इंतजाम होने चाहिए ताकी आगे दिक्कत न जाए।
2. बैंक या कंपनी से कैसे संपर्क करें?
आप सीधे अपने नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर ब्रांच मैनेजर से मिल सकते हैं। उन्हें अपनी प्रॉपर्टी की फोटो, लोकेशन, साइज और मालिकाना हक के कागजात दिखाएं। अगर बैंक को लोकेशन पसंद आती है, तो उनकी टीम साइट देखने आएगी और सब ठीक मिलने पर आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इसके अलावा आप एटीएम ऑपरेटर कंपनियों से भी बात कर सकते हैं। क्योंकि सिर्फ बैंक ही नहीं, बल्कि कई 'वाइट लेबल एटीएम' कंपनियां भी मशीनें लगाती हैं। इनमें इंडिया1 पेमेंट (India1 Payments), टाटा इंडिकैश (Tata Indicash) और हिटाची पेमेंट सर्विसेज (Hitachi Payment Services) जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके बारे में आपको सारी जानकारी इनकी वेबसाइट पर मिल सकती है।
3. कौन से कागज होंगे जरूरी?
- प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री या ओनरशिप के कागजात
- आधार कार्ड और पैन कार्ड
- प्रॉपर्टी टैक्स की
- अगर प्रॉपर्टी किसी सोसायटी या कॉम्प्लेक्स में है, तो वहां की एनओसी (NOC)
- प्रॉपर्टी की साफ तस्वीरें और बिजली-पानी की जानकारी
4. कितना मिलेगा किराया?
बैंक को दी गई प्रॉपर्टी से मिलने वाला किराया इस बात पर निर्भर करेगा कि आपकी लोकेशन क्या है।
- मेट्रो शहर (दिल्ली, मुंबई आदि): ₹25,000 से ₹60,000 या उससे ज्यादा प्रति माह।
- टियर-2 शहर: ₹15,000 से ₹35,000 प्रति माह।
- अर्ध-शहरी इलाके: ₹8,000 से ₹20,000 प्रति माह।
- ग्रामीण या कस्बाई इलाके (अच्छी कमर्शियल लोकेशन): ₹20,000 से ₹30,000 या उससे ज्यादा प्रति माह।
5. क्या होंगी एग्रीमेंट की शर्तें?
एटीएम लगवाने के लिए आमतौर पर 5 से 10 साल का लीज एग्रीमेंट होता है। इसमें हर साल 5% से 10% किराया बढ़ाने का नियम होता है। एटीएम लगने के बाद मशीन की देखभाल की टेंशन आपकी नहीं होती। मशीन में कैश डालना, बिजली का बिल, एसी, मेंटेनेंस और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बैंक या एटीएम कंपनी की ही होती है।
