बच्चा YouTube या Instagram से कमाता है लाखों, तो पैरेंट्स के लिए इनकम टैक्स का ये नियम जानना जरूरी
नाबालिग बच्चों की कमाई पर आयकर के नियम जानना माता-पिता के लिए जरूरी है। आयकर कानून की धारा 64(1ए) के ...और पढ़ें

बच्चों की कमाई पर आयकर नियम: माता-पिता के लिए जरूरी जानकारी
HighLights
नाबालिग की आय माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है।
कौशल से अर्जित आय क्लबिंग नियमों से बाहर है।
दिव्यांग बच्चों की आय पर क्लबिंग नियम लागू नहीं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों इंटरनेट मीडिया से लेकर खेल, विज्ञापन और लेखन क्षेत्र में बच्चों के लिए कमाई के तमाम अवसर हैं और इस समय बड़ी संख्या में नाबालिग इन स्रोतों से लाखों-करोड़ों रुपये कमाई भी कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या इन बच्चों की कमाई पर भी आयकर लगेगा? आयकर कानून की धारा 64(1ए) में बच्चों की आय पर लगने वाले टैक्स की जानकारी दी गई है। 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चों की आय के प्रकार, छूट और टैक्स को लेकर पढ़िए मनोज कुमार की रिपोर्ट...
माता-पिता के साथ जोड़ी जाती है बच्चे की आय
आयकर कानून की धारा 64(1ए) के अनुसार, नाबालिग बच्चे की आय को उसके माता-पिता की आय के साथ जोड़ा जाता है। अगर नाबालिग बच्चा शारीरिक मेहनत या अपनी स्किल, जानकारी, टैलेंट, अनुभव आदि के जरिये कोई पैसा कमाता है तो उसे माता-पिता की आय के साथ नहीं जोड़ा जाएगा। वहीं, ब्याज इत्यादि से होने वाली कमाई को माता-पिता की आय से जोड़ा जाएगा। यदि माता-पिता अलग हो जाते हैं तो नाबालिग की आय को उसके (माता या पिता) साथ जोड़ा जाएगा, जो उसकी देखभाल करता है। यदि माता-पिता दोनों कामकाजी है तो बच्चे की आय उसके साथ जोड़ी जाएगा, जिसकी कमाई ज्यादा है।
कितनी कमाई पर टैक्स नहीं
आयकर कानून के तहत यदि किसी बच्चे की वार्षिक आय 1,500 रुपये या उससे कम है तो वह पूरी तरह से करमुक्त है। यदि किसी नाबालिग बच्चे की आय को उसके माता-पिता के साथ जोड़ा गया है तो वह व्यक्ति धारा 10(32) के तहत 1,500 रुपये या जोड़ी गई नाबालिग की आय (जो भी कम हो) की छूट का दावा कर सकता है। नाबालिग की आय जोड़ने के बाद व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत कर स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा।
दिव्यांग-अनाथ बच्चे की आय पर नियम
आयकर कानून की धारा 80यू के तहत, अगर कोई नाबालिग बच्चा दिव्यांग है (40 प्रतिशत से अधिक शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग) है तो उस पर धारा 64(1ए) के नियम लागू नहीं होंगे। यानी उसकी कमाई माता-पिता की आय में नहीं जोड़ी जाएगी। इसी प्रकार, यदि किसी बच्चे के माता-पिता दोनों इस दुनिया में नहीं हैं, तो बच्चे की कमाई को उसके कानूनी अभिभावक की इनकम में नहीं जोड़ा जाता। ऐसे में बच्चे का अलग से आयकर रिटर्न (आइटीआर) दाखिल करना होगा।
ऐसे समझें पूरा गणित
आयकर विभाग ने अपनी वेबसाइट पर एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) के तहत नाबालिग बच्चे की आय को उसके माता-पिता की आय के साथ जोड़ने का उदाहरण दिया है। मान लीजिए- राजा नाम के एक व्यक्ति के दो बच्चे हैं। एक बच्चा सुनील बाल कलाकार है और दूसरा बच्चा नेपाल धारा 80यू में बताई गई बीमारियों से पीड़ित है। सुनील एक वर्ष में स्टेज शो से एक लाख रुपये और बैंक ब्याज से छह हजार रुपये कमाता है।
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इसी तरह, नेपाल बैंक ब्याज से एक वर्ष में 1.20 लाख रुपये कमाता है। राजा की पत्नी की कोई आय नहीं है। चूंकि नाबालिग बच्चे की आय उसके (माता या पिता) साथ जोड़ी जाती है, जिसकी आय ज्यादा होती है। ऐसे में अगर कोई आय जोड़ी जानी है तो राजा की आय के साथ जोड़ी जाएगी। धारा 64(1ए) के तहत शारीरिक मेहनत या अपनी स्किल, जानकारी, टैलेंट, अनुभव आदि से हुई आय को माता-पिता की आय के साथ नहीं जोड़ा जाएगा।
इसलिए सुनील की स्टेज शो से हुई आय को राजा की आय के साथ नहीं जोड़ा जाएगा। लेकिन सुनील को बैंक ब्याज से हुई छह हजार रुपये की आय को राजा की आय के साथ जोड़ा जाएगा। धारा 80यू के तहत नेपाल की आय को राजा की आय के साथ नहीं जोड़ा जाएगा। ऐसी स्थिति में राजा आयकर रिटर्न में धारा 10(32) के तहत सुनील की ब्याज से हुई आय छह हजार रुपये पर 1,500 रुपये की छूट का दावा कर सकता है और जोड़ी गई शुद्ध आय (6,000-1,500) 4,500 रुपये होगी। इस पर राजा को अपने कर स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा।
