नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। दूरसंचार विभाग यानी डॉट ने यह आश्वस्त किया है कि एयरटेल और टेलीनॉर के सौदे को मंजूरी महीने भर के भीतर मिल जाएगी। साथ ही विभाग ने यह भी कहा है कि बहुचर्चित वोडाफोन और आइडिया के मर्जर की मंजूरी प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।

टेलीकॉम सेक्रेटरी अरुणा सुंदरराजन ने बताया कि उन्हें नहीं लगता है कि वोडाफोन और आइडिया के मर्जर में किसी भी तरह की कोई बाधा सामने आएगी (इस मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी एयरटेल को टॉप स्लॉट से हटा देगी और यह भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम आपरेटर बन जाएगी) और इन दोनों कंपनियों के मर्जर को मंजूरी जून की समय सीमा तक मिल जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिन दूरसंचार विभाग की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उसने एयरटेल-टेलीनॉर सौदे को मंजूरी देने के दूरसंचार न्यायाधिकरण के आदेश को चुनौती दी थी। न्यायालय के इस फैसले को देश के दूरसंचार क्षेत्र में विलय अधिग्रहण सौदों के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। आपको बता दें कि आइडिया और वोफाफोन ने पिछले साल घोषणा की थी कि वे अपने परिचालन का विलय करेंगे।

वोडाफोन और आइडिया को क्या फायदा?

आइडिया-वोडाफोन विलय से सभी मार्केट में वोडाफोन इंडिया की स्थिति मजबूत हो जाएगी, वहीं महानगरों में आइडिया की पकड़ मजबूत होगी। इन दोनों कंपनियों के बीच मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी ग्राहक और आय के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी होगी। इस डील से वोडाफोन की भारत में लिस्टिंग आसान हो जाएगी।

Posted By: Praveen Dwivedi

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